सांपों को पकड़ना और उनका रेस्क्यू करना किसी का पसंदीदा काम कैसे हो सकता है और कोई शख्स उस काम को ही अपना प्रोफेशन बना ले तो… सुनने में यह थोड़ा अजीब जरूर लग सकता है, लेकिन नेपाल के रहने वाले 31 साल के सागर पांडे अपने इसी काम के लिए दूर-दराज के इलाकों तक फेमस हैं।
नेपाल के लुम्बिनी प्रदेश के पाल्पा जिले में तानसेन म्युनिसिपैलिटी-4 के अरगली रंगुवा गांव के निवासी सागर पांडे पिछले 18 सालों से सांपों का रेस्क्यू कर रहे हैं। उनका दावा है कि इस दौरान वह 10 हजार से अधिक सांपों को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर छोड़ चुके हैं। इनकी कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
सागर इन इलाकों में करते हैं सांपों का रेस्क्यू
आमतौर पर जब किसी के घर में सांप देखा जाता है तो लोग डिवीजन फॉरेस्ट ऑफिस या फिर वन कार्यालय को फोन लगाते हैं, लेकिन पाल्पा में सागर पांडे को फोन किया जाता है। सागर पांडे सांपों का रेस्क्यू का काम सिर्फ तानसेन या अरगली तक सीमित नहीं है। इसके अलावा वह पाल्पा, गुल्मी, अर्घाखांची, स्यांगजा, बागलुंग, कास्की, पर्वत और म्यागडी सहित आसपास के कई जिलों में जाकर सांपों को बचा चुके हैं।
कैसे शुरू किया सांप पकड़ने का काम?
सागर पांडे के लिए सांप पकड़ना सिर्फ एक काम नहीं, बल्कि बचपन से जुड़ा जुनून है। उन्होंने बताया कि सांपों के प्रति उनकी दिलचस्पी उस समय बढ़ी थी जब उनके घर में एक सांप घुस आया था। परिवार में एक बच्ची के जन्म के बाद घर में आए इस सांप को मारने के बजाय उन्होंने उसे पकड़ने की कोशिश की और इसमें सफल रहे। इसके बाद खेतों और आसपास दिखाई देने वाले सांपों को पकड़ने का सिलसिला शुरू हो गया।
सांपों से लगाव है सागर को
सागर बताते हैं कि उन्होंने सांपों को मारने के बजाय उनका रेस्क्यू करना इसलिए चुना क्योंकि उन्हें वन्यजीवों से लगाव है। शुरुआती दौर में उन्होंने अपने रेस्क्यू अभियान को अरगली क्षेत्र तक सीमित रखा और पकड़े गए सांपों को जंगल में छोड़ देते थे। धीरे-धीरे उनके काम की जानकारी आसपास के इलाकों में फैलती गई और दूसरे जिलों से भी लोग उन्हें फोन करने लगे।
कोई ऑफिशियल ट्रेनिंग नहीं ली
सागर पांडे के इस काम को जानकार हैरानी इसलिए भी होती है क्योंकि उन्होंने इस काम के लिए कहीं से ट्रेनिंग नहीं ली है। उन्होंने सांपों के बारे में जानकारी अलग-अलग स्रोतों से जुटाई। सांपों पर अध्ययन करने वाले लोगों से भी उन्होंने जानकारी हासिल की। करीब दो दशक के अनुभव ने उन्हें सांपों की विभिन्न प्रजातियों और उनके व्यवहार को समझने में काफी मदद दी है। वह अब भी सांपों के बारे में नई चीजें सीखते रहते हैं।
107 किंगर कोबरा का कर चुके हैं रेस्क्यू
सागर पांडे का दावा है कि उन्होंने नेपाल में अब तक 107 किंग कोबरा का रेस्क्यू किया है, जो उनके अनुसार किसी एक व्यक्ति द्वारा बचाए गए किंग कोबरा की सबसे बड़ी संख्या है। उनका कहना है कि उन्होंने कुल मिलाकर करीब 40 प्रजातियों के सांपों को रेस्क्यू किया है।
इस काम में आने वाली चुनौतियां
सागर पांडे के लिए यह काम आसान नहीं है। वह बताते हैं कि इस काम के दौरान कई बार उनके सामने चुनौतियां भी आई हैं। वह बताते हैं कि उन्हें खासकर लोगों के व्यवहार से निराशा भी होती है। उनका कहना है कि लोग सांप को पकड़ने के लिए उन्हें बुलाते हैं, लेकिन सांप के रेस्क्यू के बाद कई लोग उसके साथ अच्छा व्यवहार नहीं करते। कई बार लोग इस डर से लाठी लेकर उनके पीछे चल पड़ते हैं कि वह सांप को उनके घर के आसपास ही छोड़ देंगे। जबकि पांडे के मुताबिक, सांप को उसी तरह के प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाना चाहिए, जहां वह पाया गया था।
ग्रेजुएट हैं सागर और कितनी लेते हैं फीस?
सागर पांडे की पढ़ाई-लिखाई की बात की जाए तो उनके पास बैचलर डिग्री है और वह जरूरत के हिसाब से सांपों के रेस्क्यू के लिए लोगों से मिलने वाली राशि स्वीकार करते हैं। हालांकि, दूसरे सांपों के लिए उन्होंने कोई निश्चित फीस तय नहीं की है। लोगों की इच्छा से मिलने वाली रकम वह स्वीकार कर लेते हैं। वहीं, किंग कोबरा के रेस्क्यू के लिए वह दूरी और परिस्थितियों के आधार पर कुछ शुल्क लेते हैं।
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