Rs 370 Biryani Viral Video: कॉमेडियन प्रणीत मोरे के शो का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें ऑडियंस में बैठे हिमांशु जांगड़ा नाम के एक युवक ने महिलाओं को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। वीडियो में हिमांशु ने कहा कि उसने एक लड़की को 370 रुपये की चिकन बिरयानी खिलाई थी और जब लड़की ने उसे घर छोड़ने के लिए कहा, तो वह हैरान रह गया।
वायरल क्लिप में उसने मजाकिया अंदाज में कहा, “मैंने कहा कि 370 रुपये लगे हैं, तो उसे तो वसूल करूंगा ही।” इस टिप्पणी को कई लोगों ने महिलाओं के प्रति अपमानजनक और वस्तु की तरह देखने वाली मानसिकता बताया।
कंपनी ने नौकरी से निकाला
वीडियो वायरल होने के बाद हिमांशु को सोशल मीडिया पर भारी आलोचना का सामना करना पड़ा। बढ़ते विरोध के बीच उसने माफी मांगी और अपना सोशल मीडिया अकाउंट भी डिएक्टिवेट कर दिया। हालांकि विवाद यहीं नहीं रुका और गुरुग्राम स्थित उसकी कंपनी ने भी उसके खिलाफ कार्रवाई कर दी।
हिमांशु जांगड़ा स्टारविक डिजाइन नाम के कंपनी में काम करता था। विवाद बढ़ने के बाद कंपनी के संस्थापक विवेक विश्वकर्मा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर बताया कि कंपनी ने हिमांशु की सेवाएं समाप्त करने का फैसला लिया है।
विवेक विश्वकर्मा ने कहा कि वायरल वीडियो में दिखाई गई बातें आपत्तिजनक हैं और न तो वे व्यक्तिगत रूप से उनसे सहमत हैं और न ही उनकी कंपनी ऐसे विचारों का समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि इस तरह के विचार युवाओं को प्रभावित नहीं करने चाहिए।
हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी ने मामले की आंतरिक जांच की थी। महिला कर्मचारियों समेत अन्य टीम सदस्यों से बात की गई, लेकिन वर्कप्लेस पर हिमांशु के खिलाफ किसी तरह की शिकायत नहीं मिली। उनके अनुसार, सहकर्मियों ने हिमांशु को पेशेवर, सम्मानजनक, मेहनती और अच्छे व्यवहार वाला कर्मचारी बताया।
इसके बावजूद विवेक ने कहा कि वर्कप्लेस के बाहर की गई उसकी टिप्पणी का असर कंपनी पर पड़ रहा था। इसलिए कंपनी, कर्मचारियों, ग्राहकों और वर्क एटमोश्फेयर की जिम्मेदारी को देखते हुए हिमांशु से अलग होने का फैसला किया गया।
कंपनी के मालिक की अपील
विवेक विश्वकर्मा ने अपने बयान में यह भी कहा कि किसी व्यक्ति से गलती हो सकती है और उसे उसके परिणाम भी भुगतने चाहिए, लेकिन समाज को लोगों को सीखने, आत्ममंथन करने और बदलने का अवसर भी देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया ट्रोलिंग कोई मजाक नहीं है। खासकर एक 22 वर्षीय युवक के लिए और यह घटना लंबे समय तक उसके भविष्य को प्रभावित करेगी।
हालांकि सोशल मीडिया पर कई लोगों ने विवेक की इस अपील से असहमति जताई। एक यूजर ने लिखा कि अगर आत्ममंथन और सीखने की इतनी ही बात है, तो यही सहानुभूति उन पुरुषों के लिए भी होनी चाहिए जो महिलाओं के प्रति ऐसे ही विचार रखते हैं।
एक अन्य यूजर ने कहा कि हिमांशु को उसके कामों के लिए परिणाम भुगतने पड़े हैं और इसे यहीं समाप्त होना चाहिए। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि वर्कप्लेस पर शिकायत न होने का मतलब यह नहीं है कि उसकी सोच सही थी।
