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‘मोदी जी को प्रधानमंत्री व्हाट्स एप मैसेज योजना लॉन्च करनी चाहिए..’, पत्रकार रवीश कुमार ने कसा तंज तो लोग करने लगे ऐसे कमेंट

Ravish Kumar के इस पोस्ट पर कई यूजर्स ने उनसे सहमति जताते हुए मिडिल क्लास की परेशानियों को उजागर किया है तो वहीं कई यूजर उन्हें ट्रोल भी कर रहे हैं। ट्रोल करने वाले यूजर्स उन्हें बीजेपी विरोधी बताते हुए कमेंट कर रहे हैं।

NDTV Prime Time, Ravish Kumar trollRavish Kumar ने मिडिल क्लास को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा है। (फोटो सोर्स- एजेंसी)

एनडीटीवी के वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने मिडिल क्लास के हालातों का बयां करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा है। रवीश कुमार ने अपने फेसबुक पोस्ट के जरिए मिडिल क्लास औऱ पीएम मोदी दोनों की चुटकी ली है। रवीश कुमार का यह फेसबुक पोस्ट वायरल हो रहा है। बड़ी संख्या में यूजर्स रवीश कुमार के इस पोस्ट पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

रवीश कुमार ने अपने इस पोस्ट में सवाल किया है कि मोदी जी मिडिल क्लास कहां गया? उन्होंने लिखा- “2019 में अगर 100 लोग वेतनभोगी थे यानी जिन्हें नियमित सैलरी मिलती थी, उनमें से 21 लोगों की नौकरी 2020 में चली गई है। 2016 से ही यह संख्या कम होने लगी थी लेकिन 2020 में तेज़ी से गिरावट देखी गई है। जिनकी नौकरी नहीं गई है उनकी सैलरी या तो नहीं बढ़ी है या कम बढ़ी है। लेकिन समाजशास्त्री और अर्थशास्त्री यह नहीं देख पा रहे हैं कि मध्यम वर्ग ख़ुश कितना है। क्यों ख़ुश है? क्योंकि उसकी व्हाट्स एप यूनिवर्सिटी में धार्मिक कट्टरता और पाखंड की सामग्री की सप्लाई काफ़ी बढ़ी है।

नौकरी और सैलरी गंवा कर मिडिल क्लास अपनी इस नई पहचान से ज़्यादा खुश है। इसलिए किसी भी सवाल को लेकर आंदोलन होता है तो गोदी मीडिया और सरकार दोनों मिल कर धार्मिक रूपकों से भरे संदेशों और सूचनाओं की सप्लाई बढ़ा देते हैं।

डेटा देखें तो बिल्कुल सही बात है कि मिडिल क्लास नौकरी और सैलरी से वंचित हुआ है लेकिन यह भी उतनी ही सही बात है कि जड़ता और नफ़रत आधारित धार्मिक पहचान से लबालब वह गदगद रहने लगा है। इतना कि अगर किसी मैनेजर को नौकरी से निकाले जाने के वक्त विदाई पत्र के साथ नेहरू के मुसलमान होने वाले मीम के दो चार पोस्टर फ़्रेम करा कर दिए जाएँ तो वह मिठाई ख़रीद कर घर जाएगा। शाम को सपरिवार गोदी मीडिया पर सांप्रदायिक डिबेट देखेगा। लोगों को बताएगा कि नौकरी चली गई लेकिन मुझे नेहरू के मुसलमान वाला स्पेशल मीम भी मिला है।

मेरी राय में अर्थशास्त्रियों को अब इसका सर्वे करना चाहिए कि मिडिल क्लास कैसे भौतिकवादी क्लास नहीं रहा। उसे नौकरी नहीं चाहिये लेकिन अगर उसे व्हाट्स यूनिवर्सिटी में गुड मार्निंग मैसेज से लेकर नेहरू के मुसलमान या कोरोना को तब्लीगी के बहाने मुसलमान से जोड़ने वाले पोस्टर या मीम दिए जाएं तो ज़्यादा खुश रहता है। मेरी राय में मोदी जी को प्रधानमंत्री व्हाट्स एप मैसेज योजना लाँच करनी चाहिए जिसके तहत मिडिल क्लास और सभी क्लास को एक जगह से मैसेज सप्लाई होगी। मेरा मानना है कि मैसेज के बदले में लोग अपनी बाकी सैलरी भी दान कर देंगे।”

रवीश कुमार के इस पोस्ट पर कई यूजर्स ने उनसे सहमति जताते हुए मिडिल क्लास की परेशानियों को उजागर किया है तो वहीं कई यूजर उन्हें ट्रोल भी कर रहे हैं। ट्रोल करने वाले यूजर्स उन्हें बीजेपी विरोधी बताते हुए कमेंट कर रहे हैं।

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