ताज़ा खबर
 
  • राजस्थान

    Cong+ 95
    BJP+ 80
    RLM+ 0
    OTH+ 24
  • मध्य प्रदेश

    BJP+ 113
    Cong+ 108
    BSP+ 4
    OTH+ 5
  • छत्तीसगढ़

    Cong+ 59
    BJP+ 22
    JCC+ 9
    OTH+ 0
  • तेलांगना

    TRS-AIMIM+ 93
    TDP-Cong+ 19
    BJP+ 1
    OTH+ 6
  • मिजोरम

    MNF+ 25
    Cong+ 10
    BJP+ 1
    OTH+ 4

* Total Tally Reflects Leads + Wins

राजस्थान को नॉर्थ कोरिया बना रही है वसुंधरा राजे, ट्विटर पर छाया- तुगलकी महारानी

राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार एक नया बिल विधानसभा में पेश करने जा रही है। इस बिल के तहत जजों, मजिस्ट्रेटों और अन्य सरकारी अधिकारियों के खिलाफ कोई भी शिकायत सरकार की इजाजत के बगैर दर्ज नहीं की जा सकेगी।

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे। (फाइल फोटो)

राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार एक नया बिल विधानसभा में पेश करने जा रही है। इस बिल के तहत जजों, मजिस्ट्रेटों और अन्य सरकारी अधिकारियों के खिलाफ कोई भी शिकायत सरकार की इजाजत के बगैर दर्ज नहीं की जा सकेगी। यह बिल हाल ही में लाए गए अध्यादेश की जगह लेगा। इस बिल के अनुसार अगर कोई व्यक्ति पुलिस में शिकायत दर्ज कराना चाहता है तो उसे पहले सरकार से उसकी मंजूरी लेनी होगी। अध्यादेश में प्रावधान है कि सरकार 180 दिनों के अंदर मामले की छानबीन करने के बाद मंजूरी देगी या उसे खारिज करेगी। अगर 180 दिनों में ऐसा नहीं करती है तो माना जाएगा कि सरकार ने जांच की मंजूरी दे दी है। इस पूरे बिल पर राजस्थान सरकार का जमकर विरोध हो रहा है। विपक्षी पार्टियों, पत्रकारों समेत सोशल मीडिया पर आम पब्लिक राजस्थान सरकार पर इस बिल को लेकर जमकर बरस रही है।

कांग्रेस अपाध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सरकार के कर्मचारियों की जांच करने वाले कानून में संशोधन और अभिव्यक्ति की आजादी पर रोक लगाने वाले कदम की आलोचना करते हुए कहा कि यह 2017 है 1817 नहीं। राहुल गांधी ने ट्विटर पर ‘राजस्थान अध्यादेश मुक्त भाषण के खिलाफ है, कानूनी विशेषज्ञों का कहना है’ नामक एक समाचार को साझा किया और लिखा मैडम मुख्यमंत्री पूरी विनम्रता के साथ हम 21वीं सदी में हैं। आम आमदी पार्टी के राजस्थान के प्रभारी कुमार विश्वास ने भी इस मुद्दे पर ट्विट कर विरोध जताया है। कुमार ने आदमी गोंडवी की कविता की लाइन लिखते हिए अपना विरोध दर्ज कराया।