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राहुल गांधी ने कहा- घटते रोजगार और जीडीपी जैसे मुद्दों से ध्‍यान हटाने के लि‍ए गढ़े जा रहे मुद्दे, लोगों ने कर द‍िया ट्रोल

ताजा आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2016-17 की आखिरी तिमाही में जीडीपी की विकास दर 6.1 प्रतिशत ही रही जबकि इस दौरान चीन की जीडीपी विकास दर 6.9 प्रतिशत रही।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी (PTI File Photo)

कांग्रेसी समर्थकों को लगता है कि सोशल मीडिया पर नरेंद्र मोदी और भाजपा के समर्थक राहुल गांधी को सही बात कहने पर भी ट्रॉल करने लगते हैं। भले ही ये बात हमेशा सच न हो लेकिन सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) दर गिरने और बेरोजगारी दर बढ़ने को लेकर मोदी सरकार पर पर राहुल के कमेंट पर कुछ ऐसा ही नजारा ट्विटर पर दिखा। ट्विटर पर राहुल का बयान आया, “जीडीपी गिर रही है। बेरोजगारी बढ़ रही है। इस (जीडीपी) मुद्दे से ध्यान बंटाने के लिए हर इस या उस बात को मुद्दा बनाया जा रहा है।” लेकिन ट्विटर पर मौजूद मोदी और भाजपा समर्थकों को राहुल का ये बयान रास नहीं आया और वो उनका मजाक उड़ाने लगे।

ताजा आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2016-17 की आखिरी तिमाही में जीडीपी की विकास दर 6.1 प्रतिशत ही रही जबकि इस दौरान चीन की जीडीपी विकास दर 6.9 प्रतिशत रही। वित्त वर्ष 2016-17 में भारती की आर्थिक विकास दर 7.1 प्रतिशत रही। ये विकास दर मोदी सरकार के तीन सालों की सबसे कम विकास दर है। वित्त वर्ष 2015-16 में देश की जीडीपी विकास दर आठ प्रतिशत और वित्त वर्ष 2014-15 में 7.5 प्रतिशत रही थी। वहीं केंद्र सरकार के श्रम मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार देश में बेरोजगारी पिछले पांच साल के सर्वाधिक स्तर पर है।

अब आइए देखते हैं कि ट्विटर टॉल्स ने किस तरह राहुल गांधी का मजाक बनाया। ज्यादातर ट्विटर यूजर्स ने राहुल गांधी को कांग्रेस के करीब छह दशक लंबे शासन की याद दिलाते हुए मोदी सरकार का बचाव किया। रुशाली प्रसाद नामक यूजर ने लिखा, “जैसे इन्होंने 70 साल में भारत को स्वर्ग में बदल दिया था। सारे घोटाले और दोष एक ऐसी सरकार पर जो विकास करना चाहती है।” जेके सिंह नामक यूजर ने लिखा, “जीडीपी के लिए कौन जिम्मेवार है 60 साल सरकार में रहने वाला @INCIndia या 3 साल से सरकार चला रहा @BJP4India देश को गुमराह करने से कुछ नहीं होगा।” निखिल धनरेशा नामक यूजर ने लिखा, “…जीडीपी का मतलब भी पता है क्या?”

कुछ यूजर ने ये भी कहना चाहा कि राहुल गांधी जो कह रहे हैं वो गलत है। राकेश भारद्वाज नामक यूजर ने लिखा, “केवल चौथी तिमाही की जीडीपी गिरी है। पूरे वित्त वर्ष की जीडीपी विकास दर 7.1 प्रतिशत रही जो अभी भी दुनिया में सबसे अधिक है….समझदारी वाली बात करें।” सुब्रत बनर्जी नामक यूजर ने लिखा कि राहुल गांधी को भारत की मौजूदा सामाजिक आर्थिक सच्चाई के बारे में कुछ नहीं पता है।  एक यूजर्स ने राहुल गांधी के गरीबी के स्टेट ऑफ माइंड वाले बयान पर तंज करते हुए लिखा, “जीडीपी में गिरावट एक स्टेट ऑफ माइंड है…”

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