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विरोध किया तो गरीब की दुकान लूट ले गए प्रदर्शनकारी! वायरल हुआ VIDEO

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें कुछ प्रदर्शनकारी एक बुजुर्ग की दुकान लूटते हुए नजर आ रहे हैं। प्रदर्शनकारियों के हाथों में जय भीम लिखे नीले झंडे देखे जा रहे हैं, इसलिए इस वीडियो को 2 अप्रैल को दलितों के आह्वान पर हुए भारत बंद से जोड़कर देखा जा रहा है।

फेसबुक पर अपलोड किए गए वीडियो से लिए गए स्क्रीनशॉट्स।

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें कुछ प्रदर्शनकारी एक बुजुर्ग की दुकान लूटते हुए नजर आ रहे हैं। प्रदर्शनकारियों के हाथों में जय भीम लिखे नीले झंडे देखे जा रहे हैं, इसलिए इस वीडियो को 2 अप्रैल को दलितों के आह्वान पर हुए भारत बंद से जोड़कर देखा जा रहा है। वीडियो ‘द वॉयस रेजर’ नाम की फेसबुक प्रोफाइल पर बुधवार (4 अप्रैल) को अपलोड किया गया था। वीडियो किस जगह का है, इस बारे में जानकारी नहीं दी गई है, कैप्शन में बस इतना लिखा है- ”What kind of protest is this? Shame on you people! (यह किस तरह का प्रदर्शन है? तुम लोगों पर लानत है!)।” वीडियो में काफी शोर-शराबे के बीच एक शख्स दुकान को बंद करने की बात कहते हुए सुनाई दे रहा है। वीडियो में कुछ लड़के बुजुर्ग की दुकान से पानी की बोतलें लूटते हुए दिखाई देते हैं, बुजुर्ग जब इसका विरोध करता है तो कुछ युवक लाठी-डंडे लिए उसकी तरफ धमकते है और उस पर हमला कर देते हैं, इस दौरान दुकान के बाहर लगा छाता तहस-नहस होता दिखाई देता है और शरारती तत्वों का दुकान लूटना जारी रहता है।

खबर लिखे जाने तक वीडियो को 28 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका था, करीब 48 हजार लोगों ने इसे शेयर किया था और 10 हजार से ज्यादा लोगों ने इसके लाइक विकल्प पर प्रतिक्रियाएं दी थीं। कमेंट्स में लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, लेकिन ज्यादातर में दलितों के प्रति नाराजगी जाहिर की गई है। निकिता आनंद नाम की यूजर ने कमेंट में लिखा- ”यह उनकी वास्तविकता को दिखाता है, तुम किस प्रकार के लोग हो, तुम पर लानत है।”

शुभम शिंदे ने लिखा- ”अब यही कारण है कि कोर्ट ने कानून को गलत उद्देश्य से इस्तेमाल करने के कारण सही फैसला लिया है।”

अनम सिद्दीकी ने लिखा- ”एक बुजुर्ग जो कि दिन में 100 रुपये कमाता है, उससे रुपये छीन लिए, यह कैसा प्रदर्शन है? अपने लेवल के लोगों लड़ें न, फिर भूल जाएंगे कि झंडा हाथ में पकड़ें या पैर में।”

चेतन माथुर ने लिखा- ”मुंबई में किसानों के प्रदर्शन को देखो, वे पब्लिक प्रॉपर्टी को कोई नुकसान और क्षति नहीं पहुंचाते हैं, यहां तक की परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए वे अपनी रैली शाम के वक्त निकाल लेते हैं। और इस प्रदर्शन को देखो जो कि भयानक है।”

अंकुश मुसादकर ने लिखा- ”उनके पास 10 रुपये नहीं हैं, दिमाग और जेब दोनों खाली हैं और हमें वाकई में ऐसे अनुपयोगी लोगों की अपने देश में जरूरत नहीं है, इनके इस बेहूदा कृत्य के लिए गर्दन काटकर इन्हें सड़क पर फेंक दो।”

सौजन्य भाष्कर पांसे ने लिखा- ”यहां तक की बाबा साहेब अंबेडकर ने ऐसा बर्ताव करने के लिए बोला नहीं होगा। इसलिए कृपया उस महान शख्सियत का नाम अपने नारों में मत लो, तुम लोगों पर लानत है।”

वीडियो को देखकर लोगों का गुस्सा थम नहीं रहा है।

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