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पीएम नरेंद्र मोदी का इंटरव्‍यू करने पर ट्रोल हो रहे सुधीर चौधरी, देखें आ रहे कैसे-कैसे कमेंट्स

टीवी पत्रकार सुधीर चौधरी को दिए इस इंटरव्यू में पीएम मोदी ने राजनीति, अर्थव्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय मामलों से लेकर कूटनीति और रोजगार तक के मुद्दों पर खुलकर बातें की थीं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंटरव्यू पर सोशल मीडिया यूजर्स जमकर तंज कस रहे हैं। (फोटो सोर्स सोशल मीडिया)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार की रात साल 2018 का पहला इंटरव्यू हिंदी चैनल जी न्यूज को दिया। टीवी पत्रकार सुधीर चौधरी को दिए इस इंटरव्यू में पीएम मोदी ने राजनीति, अर्थव्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय मामलों से लेकर कूटनीति और रोजगार तक के मुद्दों पर खुलकर बातें की। सोशल मीडिया पर उनकी यह खास बातचीत का वीडियो छाया हुआ है। ट्विटर यूजर्स का एक धड़ा इस इंटरव्यू के लिए पीएम मोदी के साथ सुधीर चौधरी को भी ट्रोल कर रहा है। कुछ लोग कह रहे हैं कि जी न्यूज में तो इंटरव्यू दे दिया अब जरा एनडीटीवी में रवीश कुमार को भी समय दे दीजिए।

वहीं एक यूजर ने ट्वीट किया कि देश यह जानना चाह रहा है कि पीएम मोदी एनडीटीवी को कब इंटरव्यू दे रहे हैं। अमर सिंह नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा, ‘अहसास तो ऐसा हो रहा था कि मानो मोदी जी सुधीर चौधरी से नहीं हमसे सीधा संवाद कर रहे थे। ऐसी प्रस्तुति के लिए टीवी चैनल और सुधीर चौधरी को अनेको बधाई।’ एक कमेंट में लिखा गया कि पीएम मोदी हर चैनल को इंटरव्यू देते रहते हैं, लेकिन एनडीटीवी पर रवीश के साथ ही क्यों घबराते हैं। वहां भी बैठिए, रवीश कुमार के सवालों का जवाब दीजिए, तब माना जाएगा कि 56 इंच का शेर। कई कमेंट में यूजर्स सुधीर चौधरी पर भी तंजा कसा है।

देखें ट्वीट्स-

गौरतलब है कि पीएम मोदी से एंकर सुधीर चौधरी ने हर मुद्दों पर सवाल किया। एंकर ने जब पीएम मोदी से सरकार द्वारा किए गए रोजगार के अवसर पैदा करने के वादों को लेकर सवाल किया तब उन्होंने कहा कि अगर जी टीवी के बाहर कोई व्यक्ति पकौड़ा बेच रहा है तो क्या वह रोजगार होगा या नहीं? प्रधानमंत्री के इस जवाब के कारण भी सोशल मीडिया यूजर का एक धड़ा ट्विटर पर उन्हें काफी ट्रोल कर रहा है। कुछ लोग कह रहे हैं कि पीएम मोदी कभी भी चाय और पकौड़ों से ऊपर नहीं उठेंगे। वहीं एक यूजर ने ट्वीट कर कहा कि चाय की सेल के साथ अब पकौड़ों की सेल को भी जोड़ा जा रहा है। इसके अलावा एक अन्य यूजर ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति भीख मांगकर 200 रुपए कमाता है तो वह बेरोजगार कैसे हो सकता है। वहीं एक यूजर ने कहा कि पकोड़े बेचने के लिए वोट नहीं दिया गया था।

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