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RSS हेडक्‍वार्टर में प्रणब मुखर्जी: कांग्रेस ने तंज कसा, सांसद बोले- इन तस्‍वीरों से लाखों कार्यकर्ता दुखी

Pranab Mukherjee at RSS Event in Nagpur: पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी गुरुवार (7 जून) को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के कार्यक्रम में शामिल होने इसके मुख्यालय नागपुर पहुंचे। संघ के कार्यक्रम में प्रणब दा के शिरकत करने से पहले ही सोमवार सुबह कांग्रेस ने गहरी नाराजगी जाहिर कर दी।

RSS के कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी। (फोटो – एएनआई)

Pranab Mukherjee at RSS Event in Nagpur: पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी गुरुवार (7 जून) को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के कार्यक्रम में शामिल होने इसके मुख्यालय नागपुर पहुंचे। संघ के कार्यक्रम में प्रणब दा के शिरकत करने से पहले ही सोमवार सुबह कांग्रेस ने गहरी नाराजगी जाहिर कर दी। सुबह 5.37 बजे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और सांसद आनंद शर्मा ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर लिखा कि आरएसएस के मुख्यालय में प्रणब दा की तस्वीरों ने लाखों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दुखी कर दिया। आनंद शर्मा ने ट्वीट में लिखा- ”आरएसएस के मुख्यालय में अनुभवी नेता और विचारक प्रणब दा की तस्वीरों ने लाखों कांग्रेस कार्यकर्ताओं और उन सभी लोगों, जो बहुलवाद, विभिन्नता और भारतीय गणराज्य के आधारभूत मूल्यों में यकीन रखते हैं, उन्हें दुखी कर दिया।” एक और ट्वीट में आनंद शर्मा ने लिखा कि संवाद उन लोगों के साथ किया जा सकता है जो सुनने, अमल में लाने और परिवर्तन की इच्छा रखते हों। आरएसएस अपने मूल एजेंडा से अलग हो गई है जैसे कि यह वैधता की तलाश में है। इसके फौरन बाद 5.40 बजे कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से आरएसएस का विरोध करने वाला एक ग्राफिक वीडियो ट्वीट किया गया।

इस वीडियो में प्रमुख तौर पर यह कहा गया कि आरएसएस ने आजादी की लड़ाई में साथ नहीं दिया बल्कि इसके खिलाफ लड़ी और कांग्रेस आजादी के लिए लड़ी। करीब एक मिनट के वीडियो में कांग्रेस की तरफ से संघ पर जमकर प्रहार किए गए हैं। वीडियो में दी गई जानकारी के मुताबिक, ”आरएसएस के संस्थापक केबी हेडगेवार ने संघ को सत्याग्रह में शामिल होने लिए आदेश दिया था। संघी नेताओं ने सदस्यों को ब्रिटिश सिविक गार्ड में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया। भारत की स्वतंत्रता में आरएसएस के असहयोग की उसके ब्रिटिश मालिकों ने प्रशंसा की थी। संघ ने हमारे राष्ट्रीय ध्वज का विरोध किया था।”

वीडियो में आगे दिखाया गया, ”आरएसएस के नेताओं ने गोडसे को रिवॉल्वर के साथ पेश किया था। नाथूराम गोडसे ने गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। आरएसएस संविधान नहीं, बल्कि मनुस्मृति: के हिसाब से चलती है। आरएसएस से संबद्ध डिजायनर आर्यन बेबी प्रोजेक्ट जर्मनी के नाजी से प्रेरित था। आरएसएस ने आजादी का विरोध किया। आरएसएस ने मोदी को भारत में सर्वाइकल कैंसर वेक्सीन रोकने के लिए उकसाया। सावरकर ने कहा था कि दुश्मनों की महिलाओं का रेप करना ‘परोधर्म’ होता है। आरएसएस विकास विरोधी है और तब आजादी के खिलाफ लड़ी जब हम इसके लिए लड़े।”

प्रणब दा के द्वारा हेडगेवार को भारत माता का सपूत बताए जाने पर कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई ने एएनआई से कहा- ”उनके (डॉक्टर प्रणब मुखर्जी) प्रति बड़ा आदर था, शायद उम्र की वजह से जाते जाते कुछ गलत बात कर दूं ऐसा लगा होगा उनको।”

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