Prakash Raj on Ramayana: अभिनेता प्रकाश राज ने रामायण और भगवान राम को लेकर एक बयान दिया था, जिसके चलते वे विवादों में बड़े विवादों में घिर गए और उनके खिलाफ केस दर्ज कराया गया। अभिनेता केरल लिटरेचर फेस्टिवल (KLF) में बच्चों द्वारा लिखी गई एक काल्पनिक रामायण की कहानी सुना रहे थे और इसी को लेकर विवाद हुआ है, जिसके चलते एक वकील ने उनके खिलाफ केस भी दर्ज कर लिया है।

दरअसल, यह मामला केएलएफ का है। यहां प्रकाश राज ने हिन्दू धर्म के पवित्र ग्रन्थ रामायण का मजाकिया अंदाज में जिक्र करने की कोशिश की। प्रकश राज ने भगवान राम, लक्ष्मण और माता सीता के वनवास के दौरान का एक काल्पनिक किस्सा सुनाया, जिसमें उन्होंने GST और नॉर्थ-साउथ डिबेट जैसे टॉपिक्स को भी जोड़ दिया।

प्रकाश राज ने किया राम लक्ष्मण का जिक्र

प्रकाश राज ने अपने बयान में कहा कि रावण ने उन्हें डिस्काउंट देने की पेशकश की और पैसे न होने पर बदले में काम (पेड़ लगाने) की शर्त रखी। इस कहानी के दौरान उन्होंने लक्ष्मण के लिए ‘लकी’ जैसा शब्द इस्तेमाल किया और रावण-शूर्पणखा को जमीन का मालिक बताया।

इस कहानी के साथ ही प्रकाश राज ने उत्तर भारत और दक्षिण भारत के बीच चल रहे भाषाई विवाद पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि उत्तर से दक्षिण आने वाले लोग उन पर हिंदी न थोपें। इसके अलावा, उन्होंने खान-पान की स्वतंत्रता पर बात करते हुए कहा कि वो ‘बीफ फेस्टिवल’ भी मनाएंगे और कोई उन्हें रोक नहीं सकता।

सोशल मीडिया यूजर्स का फूटा गुस्सा

सोशल मीडिया पर इस विवादित बयान का वीडियो वायरल हुआ, नेटिजन्स का गुस्सा भड़क उठा। इसके चलते इंटरनेट पर #BoycottPrakashRaj ट्रेंड होने लगा। जानकरी के लिए बता दें कि शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि प्रकाश राज ने जानबूझकर हिंदू धर्म और उनकी आस्था का मजाक उड़ाया है।

वकील ने दर्ज कराई शिकायत

शिकायतकर्ताओं ने रामायण के पात्रों को गलत तरीके से लोगों के सामने प्रस्तुत पेश कर करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं का अपमान किया है। प्रकाश राज के बयानों पर एक वकील अमिता सचदेवा ने दिल्ली पुलिस के साउथ डिस्ट्रिक्ट साइबर सेल में एक्टर के बयान को लेकर शिकायत दर्ज कराई।

सचदेवा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि उन्होंने भारतीय न्याय संहिता की धारा 299, 302, 196, 352 और 353 के तहत आईटी एक्ट के साथ शिकायत दर्ज की है। अमिता सचदेवा ने कहा कि केरल लिटरेचर फेस्टिवल के दौरान प्रकाश राज ने भगवान श्रीराम और पवित्र रामायण का मजाक उड़ाया है।

उन्होंन एक्स पोस्ट में यह भी लिखा कि वह इस मामले को गंभीरता से आगे बढ़ाएंगी और ऐसे मामलों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक भावनाओं के अपमान की एक सीमा होती है और इसे समझना जरूरी है।

लेंसकार्ट में बिंदी-तिलक-कलावा पर कथित रोक को लेकर विवाद के बाद पीयूष बंसल ने दी सफाई

आईवियर रिटेल कंपनी लेंसकार्ट (Lenskart) के नियमों को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद छिड़ गया। यह मामला कंपनी के कर्मचारियों को ट्रेनिंग देने के लिए प्रयोग किए जाने वाले कथित दस्तावेज से जुड़ा हुआ है। इसमें ‘ग्रूमिंग और यूनिफॉर्म से जुड़े नियम’ बताए गए हैं। इस गाइड के मुताबिक कंपनी अपने कर्मचारियों को हिजाब की अनुमति देती है, लेकिन बिंदी, तिलक और कलावा जैसे चीजों पर रोक लगाती है। अब इस पर पीयूष बंसल ने सफाई दी है। पढ़िए पूरी खबर…