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नीरव मोदी के विज्ञापन में भी लोन लेकर भाग जाने का प्लॉट, देखिए- हैरान प्रियंका चोपड़ा का रिएक्शन

करीब साढ़े ग्यारह हजार करोड़ के पंजाब नेशनल बैंक घोटाले का सुराग आरोपी अरबपति नीरव मोदी ने बड़ी चालाकी से काफी पहले ही दे दिया था, ऐसा उनके ब्रांड नीरव मोदी डायमंड के एक विज्ञापन वीडियो देखकर लगता है।

यूट्यूब से लिया गया स्क्रीनशॉट।

करीब साढ़े ग्यारह हजार करोड़ के पंजाब नेशनल बैंक घोटाले का सुराग आरोपी अरबपति नीरव मोदी ने बड़ी चालाकी से काफी पहले ही दे दिया था, ऐसा उनके ब्रांड नीरव मोदी डायमंड के एक विज्ञापन वीडियो देखकर लगता है। नीरव मोदी डायमंड के इस करीब ढाई मिनट के विज्ञापन के वीडियो बॉलीवुड कलाकार सिद्धार्थ मल्होत्रा और प्रियंका चोपड़ा नजर आते हैं। वीडियो के 45वें सेकेंड के हिस्से से 50वें सेकेंड के बीच ‘लोन’ और ‘फरार’ होने की बात प्रियंका चोपड़ा कहती दिखती हैं। पीएनबी घोटाले में नीरव मोदी के फरार होने पर कहा जा रहा है कि उन्होंने इसका प्लॉट बहुत पहले ही विज्ञापन में ही रख दिया था। विज्ञापन का वीडियो नीरव मोदी नाम के यूट्यूब चैनल पर 14 फरवरी 2017 को अपलोड किया गया था। वीडियो को 17 लाख 70 हजार से ज्यादा बार देखा जा चुका है। कुछ लोग वीडियो के उस हिस्से को काटकर सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं, जिसमें लोन और फरार होने की बात कही गई है।

बता दें विज्ञापन का भुगतान नहीं करने को लेकर अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा नीरव मोदी को नोटिस भेज चुकी हैं। प्रियंका चोपड़ा नीरव मोदी ब्रांड के आभूषणों का विज्ञापन करती हैं, साथ ही वह कंपनी की ब्रांड एम्बेस्डर भी हैं। प्रियंका चोपड़ा के इस कदम ने घोटाले के आरोपी नीरव मोदी की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। बता दें कि प्रियंका चोपड़ा के अलावा दुनिया की कई जानी-मानी हस्तियां और मॉडल नीरव मोदी के ब्रांड से जुड़े हैं। पीएनबी ने बुधवार (14 फरवरी) को 11,400 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े की जानकारी सीबीआई को दी थी। जांच में यह बात सामने आई है कि ज्यादातर घोटाला केंद्र में मोदी सरकार के रहते 2017-18 में किया गया।

घोटाले के लिए एलओयू (लेटर ऑफ अंडरस्टेंडिंग) का इस्तेमाल किया गया, जिसे नीरव मोदी ने पीएनबी के कुछ कर्मचारियों से मिलीभगत कर जारी करवाया। कोई भी बैंक अपने विश्वासपात्र ग्राहकों को देश-विदेश में बैंकों से पैसा मुहैया कराने के लिए जारी करता है। एलओयू बैंकिंग में इस्तेमाल होने वाले खास ‘स्विफ्ट सिस्टम’ से भेजा जाता है, इसलिए कोई भी बैंक इस पर शक नहीं करता है। पीएनबी के कुछ कर्मचारियों ने इसी स्विफ्ट सिस्टम से एलओयू जारी कर विदेशों में बैंको से नीरव मोदी के करोड़ों के भुगतान करवाए, जिनका पैसा नहीं मिला, बाद में मैसेज डिलीट कर दिए। पीएनबी घोटाला 2011 से किया जा रहा था। बैंकिंग सेक्टर के सबसे बड़े कहे जाने वाले इस घोटाले में नीरव मोदी, मेहुल चोकसी समेत 16 लोगों के नाम शामिल हैं। सीबीआई ने कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया है। सियासी आरोपो-प्रत्यारोपों और बयानबाजियों के बीच फिलहाल मामला परत दर परत खुल रहा है।

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