PM Narendra Modi visits NTU in Singapore, interacts with students, says that he did not take leave of 15 minutes since 2001 to till now - सिंगापुर में बोले पीएम नरेंद्र मोदी: 2001 से अब तक 15 मिनट की भी छुट्टी नहीं ली - Jansatta
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सिंगापुर में बोले पीएम नरेंद्र मोदी: 2001 से अब तक 15 मिनट की भी छुट्टी नहीं ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिन की सिंगापुर यात्रा पर हैं। शुक्रवार (1 जून) को नान्यांग टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी के छात्रों से मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने बताया कि उन्होंने 2001 से लेकर आजतक 15 मिनट की छुट्टी नहीं ली। इसके पीछे की वजह भी पीएम मोदी ने बताई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फाइल फोटो। सोर्स- रॉयटर्स

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिन की सिंगापुर यात्रा पर हैं। शुक्रवार (1 जून) को नान्यांग टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी के छात्रों से मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने बताया कि उन्होंने 2001 से लेकर आजतक 15 मिनट की छुट्टी नहीं ली। इसके पीछे की वजह भी पीएम मोदी ने बताई। प्रधानमंत्री ने छुट्टी न लेने के पीछे बेहद जज्बाती और मार्मिक बात कही। उन्होंने कहा कि देश का आम आदमी उनके लिए प्रेरणाश्रोत है। उन्होंने शरीर को फिट रखने और इसी के साथ मन को भी स्वस्थ्य रखने की चुनौती का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने देश की सीमाओं की सुरक्षा कर रहे जवानों, मजदूरी करने वाली माताओं आदि का उदाहरण देते हुए उनके कठिन परिश्रम का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा- ”मैं कभी मेरे देश की सेना के जवान को इतनी कठिन परिस्थिति में कभी बर्फ के बीच में तो कभी रेगिस्तान में.. तो कभी पानी में घंटों तक देश की सेवा के लिए खड़ा हुआ.. और उसके लिए मैं सोचता हूं.. कभी मैं किसी मां को घंटों तक मजदूरी कर-करके अपने बच्चों को बड़ा करते हुए देखता हूं… मुझे लगता है कि जब ये लोग इतना करते हैं, तो मुझे चैन से सोने का हक नहीं है।”

पीएम ने आगे कहा- ”ये कॉमनमैन मेरा इंसप्रेशन है और इसलिए बिना थके, बिना रुके.. आपको जानकर के जरूर आश्चर्य होगा… अगर मैं 2001 से अब तक देखूं, मैंने अभी तक 15 मिनट वैकेशन नहीं लिया है, 2001 से आजतक.. और फिर इसके लिए अपने आप को फिट रखना, और फिट रखने में जितना शरीर को ठीक रखना महत्व है, उतना मन को भी है।”

प्रधानमंत्री से छात्रों ने सवाल भी पूछे। एक छात्र ने पूछा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद कितना दबाव बढ़ा? प्रधानमंत्री चूंकि टेक्नोलॉजी के छात्रों से बात कर रहे थे, इसलिए उन्होंने अपने जवाब में वैसे ही शब्दों और तर्कों को शामिल करते हुए कहा- ”लोकतंत्र में पॉलिटिकल प्रेशर की एक दुनिया होती है और उसको झेलना बड़ा मुश्किल होता है, टेक्नोलॉजी की मदद से उसे झेला जा सकता है। पहले के समय में पॉलिटिकल प्रेशर ज्यादा था। लोगों की मांग होती थी कि यहां अस्पताल बनवाओ, यहां स्कूल बनवाओ, मैंने स्पेस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए मैप तैयार किए, जिसमें स्कवॉयर किलोमीटर की परिधि में स्कूल और अस्पताल होंगे। इसके बाद जब कोई भी नेता उनके पास तो दिखाता था कि देखो, तुम्हारे यहां है, नया नहीं बनेगा। इसका नतीजा हुआ कि सबको समान रूप से विकास में मदद मिली।”

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