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बहादुर शाह जफर की मजार पर पीएम मोदी, कमेंट आया- मजारें अपशकुन होती हैं, आडवाणी जिन्दा उदाहरण हैं

एक यूजर ने लिखा है कि, 'यंगून में पीएम बहादुर शाह जफर की मजार पर चादर चढ़ाते हैं और यहां उनके वंशजों के नाम की सड़कों के नाम तक बदल देते हैं।'

म्यांमार के यंगून में आखिरी मुगल शासक बहादुर शाह जफर की मजार पर पीएम मोदी (फोटो-एएनआई)

म्यांमार दौरे के आखिरी दिन आज (7 सितंबर) पीएम मोदी भारत के आखिरी मुगल शासक बहादुर शाह जफर की मजार पर पहुंचे और वहां पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने ट्वीट किया और लिखा, ‘बहादुर शाह जफर की मजार पर।’ बहादुर शाह जफर की मजार म्यांमार के यंगून में स्थित है। बता दें कि बहादुर शाह जफर को आखिरी मुगल शासक माना जाता है। 1857 में आजादी की पहली लड़ाई में हार के बाद बहादुर शाह जफर ने अपनी जिंदगी के आखिरी साल म्यांमार में ही मुफलिसी में गुजारे थे। जब हिन्दुस्तान 1857 की लड़ाई हार गया तो अंग्रेजों ने बहादुर शाह जफर को गिरफ्तार कर म्यांमार भेज दिया यहीं पर उनकी मौत हो गई। उन्हीं की याद में ये मजार बना है। मुगलिया सल्तन्त के आखिरी शासक की मजार पर पहुंचने पर कई लोगों ने ट्विटर पर पीएम मोदी को ट्रोल किया है।

मयंक नाम के एक यूजर ने लिखा है कि, ‘यंगून में पीएम बहादुर शाह जफर की मजार पर चादर चढ़ाते हैं और यहां उनके वंशजों के नाम की सड़कों के नाम तक बदल देते हैं।’ एक शख्स ने लिखा, ‘मोदी जी का मजार पर जाना सेकुलरों को बर्दाश्त नहीं होगा।’ राजू खुराना ने लिखा, ‘पीएम मोदी बहादुर शाह के मजार पर ये लूटियंस मीडिया के मुंह पर तमाचा है।’ अजानुद्दीन खान ने लिखा है, ‘लगता है पीएम गलती से मजार पर पहुंच गये।’ एक शख्स ने लिखा है, ‘मजारों पर जाने वालों के दिये बुझ जाते हैं मजारें अपसकुनी होती हैं भाजपा शीर्ष नेतृत्व के लिए आडवाणी जिन्दा उदाहरण हैं।’ कई और भी यूजर्स ने पीएम मोदी को बहादुर शाह की मजार पर जाने के लिए चुटकी ली है और आडवाणी का उदाहरण दिया है।


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज म्यांमार स्थित 2,500 वर्ष पुराने श्वेदागोन पगोडा के दर्शन किये। इसे देश की सांस्कृतिक विरासत की धुरी माना जाता है। बौद्ध बहुलता वाले देश की तीन दिवसीय द्विपक्षीय दौरे के अंतिम दिन मोदी ने आज पगोडा के दर्शन किये।प्रधानमंत्री ने पगोडा परिसर में एक बोधी वृक्ष का पौधा लगाया जो साझी विरासत के महत्व को दर्शाता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्विटर पर लिखा है, ‘‘शाश्वतता के साथ एक क्षण। प्रधानमंत्री नरेन्द्रमोदी 2,500 वर्ष पुराने श्वेदागोन पगोडा दर्शन के लिए गये, जिसे म्यांमार की सांस्कृतिक विरासत की धुरी माना जाता है।’’ पगोडा में भगवान बुद्ध के केश और अन्य पवित्र अवशेष रखे हुए हैं। यंगून में रॉयल लेक (शाही झील) के पश्चिम में स्थित पगोडा को म्यांमा के लोग सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण बौद्ध स्थल मानते हैं। शुरुआत में 8.2 मीटर जगह में बना यह पगोडा अब 110 मीटर के परिसर में फैला हुआ है। पगोडा सोने की सैकड़ों चादरों से ढका हुआ है, जबकि स्तूप के शीर्ष पर 4,531 हीरे जड़े हुए हैं। सबसे बड़ा हीरा 72 कैरेट का है।

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