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डिबेट- मुसलमानों की कब्रों पर ताजमहल बनाना चाहते हैं कुछ लोग: मोदी के मस्जिद दौरे पर भिड़े मुस्लिम नेता

एंकर ने सवाल करते हुए पूछा कि तो क्या पीएम मोदी का चेहरा दिखाकर मुसलमानों को डराने की कोशिश की जा रही है? इसके जवाब में तस्लीम रहमानी ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने गुजरात को दंगा कराकर ही जीता है।

टीवी डिबेट में पीएम मोदी के मस्जिद में जाने पर भिड़े मुस्लिम पैनलिस्ट। (image source-ANI)

हाल ही में पीएम मोदी इंदौर की सैफी मस्जिद में दाऊदी बोहरा समुदाय के एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। पीएम मोदी के मस्जिद में धार्मिक कार्यक्रम में जाने पर उसके बाद से ही लगातार चर्चाओं का दौर चल रहा है। टीवी डिबेट के कार्यक्रमों में भी यह मुद्दा छाया हुआ है। ऐसे ही एक टीवी कार्यक्रम में इस मुद्दे पर डिबेट के दौरान दो मुस्लिम नेता भिड़ गए। दरअसल न्यूज 18 चैनल पर एक डिबेट कार्यक्रम के दौरान एंकर ने पीएम मोदी के मस्जिद जाने पर जफर सरेशवाला से सवाल किया कि क्या भाजपा राजनैतिक अलगाव पैदा करने की कोशिश कर रही है? या फिर भाजपा अपनी सॉफ्ट सेक्यूलरिज्म की इमेज बनाना चाहती है?

इस सवाल के जवाब में जफर सरेशवाला ने पीएम मोदी का समर्थन करते हुए कहा कि पीएम मोदी गुजरात का सीएम रहने के वक्त से ही मस्जिदों में जाते रहे हैं। इस दौरान जफर सरेशवाला ने अहमदाबाद की एक पुरानी मस्जिद का किस्सा सुनाया और बताया कि किस तरह से उस पुरानी मस्जिद को पीएम मोदी ने ना सिर्फ फिर से बनवाया बल्कि उस पर आज शूफी संगीत का कार्यक्रम भी आयोजित होता है। जफर सरेशवाला ने कहा कि पीएम मोदी का मुसलमानों से ताल्लुक पुराना है। वहीं जफर सरेशवाला के इतना कहते ही कार्यक्रम में मौजूद अन्य पैनलिस्ट और मुस्लिम काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष तसलीम रहमानी ने तंज कसते हुए कहा कि पीएम मोदी का मुसलमानों से ताल्लुक 2002 से ही है, और जो ताल्लुक है, उसे पूरा देश जानता है!

इस पर जफर सरेशवाला ने कहा कि पीएम मोदी वडनगर के हैं और जहां वो रहते थे, वहां दाऊदी बोहरा समुदाय का मोहल्ला था और उनके दाऊदी बोहरा के साथ काफी नजदीकी ताल्लुक रहा। इस बीच जब एंकर ने सवाल करते हुए पूछा कि तो क्या पीएम मोदी का चेहरा दिखाकर मुसलमानों को डराने की कोशिश की जा रही है? इसके जवाब में तस्लीम रहमानी ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने गुजरात को दंगा कराकर ही जीता है। 16 साल हो गए और आज तक दंगा प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए कुछ नहीं किया गया। तसलीम रहमानी के इतना कहने पर जफर सरेशवाला ने कहा कि मैं तसलीम को दावत देता हूं कि वह उनके साथ गुजरात चलें और देखें कि अहमदाबाद पिछले 15 साल में क्या हुआ है, जुहापुरा और नरोदा पाटिया किस तरह विकसित हुए हैं। असल में जो लोग बाहर रहते हैं, उनको मुसलमानों की कब्रों पर अपने ताजमहल बनाने हैं। वो मसला है। इसके बाद तसलीम रहमानी ने जफर सरेशवाला को संबोधित करते हुए कहा कि आप सच्चाई देखना नहीं चाहते। वहीं जफर सरेशवाला ने तसलीम रहमानी पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। बहरहाल यह बहस इस तरह काफी हंगामेदार रही और दोनों नेता पक्ष-विपक्ष में अपने-अपने तर्क देते रहे।

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