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गंगा के लिए जान देने वाले जीडी अग्रवाल को मोदी ने टि्वटर पर किया याद, लोगों ने किए तीखे कमेंट़्स

एक यूजर ने लिखा कि गंगा सफाई की आड़ में पिछले 70 सालों में हर रूलिंग पार्टी ने पैसा कमाया है। मां गंगा के पुत्र भी अपवाद नहीं हैं? अब भागीरथ नहीं होते बल्कि भागीरथ की आड़ में लुटेरे नेता ही आते हैं???

जीडी अग्रवाल के निधन पर पीएम मोदी के ट्वीट पर कई यूजर्स ने तीखी आलोचना की है।(Image source-PTI)

गंगा नदी के संरक्षण की मांग को लेकर पिछले 112 दिनों से अनशन कर रहे मशहूर पर्यावरणविद् प्रोफेसर जीडी अग्रवाल उर्फ स्वामी ज्ञानस्वरुप सानंद का गुरुवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उन्होंने ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में आखिरी सांस ली। जीडी अग्रवाल के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर दुख जाहिर किया। जिस पर सोशल मीडिया यूजर्स ने तीखे कमेंट करना शुरु कर दिया है। दरअसल लोगों में इस बात की नाराजगी है कि जीडी अग्रवाल पिछले काफी दिनों से सरकार को पत्र लिखकर गंगा के संरक्षण की मांग कर रहे थे। लोगों का मानना है कि सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।

पीएम मोदी के ट्वीट पर एक यूजर ने लिखा कि याद करना बंद कीजिए और काम शुरु कीजिए। प्रोफेसर जीडी अग्रवाल गंगा के संरक्षण को लेकर गंगा प्रोटेक्शन मैनेजमेंट एक्ट का लागू करने और गंगा पर बन रहे सभी हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को बंद करने की मांग कर रहे थे। क्या आप उनकी यह इच्छा पूरी करेंगे? एक अन्य यूजर ने लिखा कि गंगा सफाई की आड़ में पिछले 70 सालों में हर रूलिंग पार्टी ने पैसा कमाया है। मां गंगा के पुत्र भी अपवाद नहीं हैं? अब भागीरथ नहीं होते बल्कि भागीरथ की आड़ में लुटेरे नेता ही आते हैं???

 

 

बता दें कि जीडी अग्रवाल के निधन के बाद लोगों के निशाने पर आयी केन्द्र सरकार ने अपनी सफाई में कहा है कि केन्द्र सरकार ने जीडी अग्रवाल की सभी मांगे मान ली थीं। गंगा नदी के संरक्षण के लिए कानून बनाने के मुद्दे पर केन्द्रीय नितिन गडकरी ने बताया कि विधेयक को मंजूरी के लिए कैबिनेट के पास भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद उसे संसद में पेश किया जाएगा। बता दें कि जीडी अग्रवाल उर्फ स्वामी ज्ञानस्वरुप सानंद ने 5 साल पहले भी गंगा के संरक्षण की मांग को लेकर अनशन किया था। हालांकि उस वक्त सरकार से हुई बातचीत के बाद उन्होंने अपना अनशन वापस ले लिया था। उस वक्त तत्कालीन यूपीए सरकार ने उत्तरकाशी में बन रही 3 जल विद्युत परियोजनाओं पर काम बंद कर दिया था। लेकिन इस बार सरकार के साथ उनकी सहमति नहीं बन पायी। बता दें कि जीडी अग्रवाल आईआईटी प्रोफेसर रह चुके थे और केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य की जिम्मेदारी भी निभा चुके थे।

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