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रेवड़ी शब्द असंसदीय तो नहीं? पीएम मोदी ने भाषण में किया “रेवड़ी” का जिक्र तो अखिलेश ने कसा तंज, मिले ऐसे जवाब

अखिलेश यादव ने लिखा कि “रेवड़ी बांटकर थैंक्यू का अभियान चलवाने वाले सत्ताधारी अगर युवाओं को रोज़गार दें तो वो ‘दोषारोपण संस्कृति’ से बच सकते हैं। रेवड़ी शब्द असंसदीय तो नहीं?”

रेवड़ी शब्द असंसदीय तो नहीं? पीएम मोदी ने भाषण में किया “रेवड़ी” का जिक्र तो अखिलेश ने कसा तंज, मिले ऐसे जवाब
सपा प्रमुख अखिलेश यादव (फोटो- @yadavakhilesh/ट्विटर)

प्रधनमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 16 जुलाई को बुन्देलखण्ड एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करते हुए कहा कि ‘मुफ्त की रेवड़ी बांटकर वोट बटोरने का कल्चर लाने की कोशिश हो रही है। ये रेवड़ी कल्चर देश के विकास के लिए बहुत घातक है। इस रेवड़ी कल्चर से देश के लोगों को बहुत सावधान रहना है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने इस पर तंज कसा है।

अखिलेश यादव ने ट्विटर पर तंज कसते हुए लिखा कि “रेवड़ी बांटकर थैंक्यू का अभियान चलवाने वाले सत्ताधारी अगर युवाओं को रोज़गार दें तो वो ‘दोषारोपण संस्कृति’ से बच सकते हैं। रेवड़ी शब्द असंसदीय तो नहीं?” इस पर लोग अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

लोगों की प्रतिक्रियाएं: सुनील मिश्रा नाम के यूजर ने लिखा कि ‘अब जब आप सांसद नहीं रहे तो संसदीय या असंसदीय भाषा से आपको क्या लेना-देना ?’ अंकित राजपूत नाम के यूजर ने लिखा कि ‘चुनाव के दौरान आपकी ही पार्टी घर-घर जाकर फॉर्म भरवा रही थी ना ‘फ्री बिजली वाले रेवड़ी की’ फिर आपको लोगों ने नकार दिया।’

श्याम नारायण नाम के यूजर ने लिखा कि ‘क्या बात है सर? मोदी जी के आज के भाषण को आपने बड़े ही गौर से सुना, अच्छा है विपक्ष ऐसा ही होना चाहिए कि सुन कर कमियां बताएं और सत्ता पक्ष उन कमियों को सुधार करें!’ स्वराज सिंह नाम के यूजर ने लिखा कि ‘आपकी इस पोस्ट से यह साबित हो गया कि मोदी जी का तीर सही जगह लगा है।’

राजेश नाम के यूजर ने लिखा कि ‘फालतू का तंज मारने से कुछ नहीं होगा। अपने काल के दौरान अगर प्रदेश के लिए ईमानदारी से काम करते तो जनता आपको इस हालत में ना पहुंचाती।’ सतीश यादव नाम के यूजर ने लिखा कि ‘अब आप सत्ता में आइए तभी कुछ कर सकते हैं. ऐसे ट्विटर पर ट्वीट करके तो नौकरी मिलेगी नहीं।’

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि रेवड़ी कल्चर वाले कभी आपके लिए नए एक्सप्रेस-वे नहीं बनाएंगे, नए एयरपोर्ट या डिफेंस कॉरिडोर नहीं बनाएंगे। वे जनता को मुफ्त की रेवड़ी बांटकर, उन्हें खरीद लेंगे। हम सबको मिलकर उनकी इस सोच को हराना है, रेवड़ी कल्चर को देश की राजनीति से हटाना है।

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