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चाचा चाहते क्या हो ये बताओ – राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को लेकर राकेश टिकैत ने किया ट्वीट तो लोगों यूं लिए मजे

किसान नेता द्वारा किए गए ट्वीट पर सोशल मीडिया यूजर्स मजा लेते हुए रिप्लाई कर रहे हैं।

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किसान नेता राकेश टिकैत (एक्सप्रेस फोटो)

एनडीए की राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। उनके नामांकन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के कई बड़े नेता शामिल थे। इसी बीच भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने द्रौपदी मुर्मू को लेकर एक ट्वीट किया तो लोगों ने उन्हें ट्रोल किया।

राकेश टिकैत का ट्वीट : किसान नेता ने कुछ आदिवासी लोगों के साथ खड़े होकर एक तस्वीर साझा कर कहा कि द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी से आदिवासी समाज का गौरव बुलंद वैभव हुआ। हमें गर्व है लेकिन इस समाज को जल जंगल जमीन से वंचित करने वाले सर यंत्रों से निजात दिलाने में केंद्र सरकार की इच्छाशक्ति दिखाई नहीं पड़ती। ये दोहरा चरित्र समझ से परे है।

यूजर्स ने यूं कसा तंज : राकेश नाम के एक ट्विटर यूजर कमेंट करते हैं कि आंदोलन शुरू कर दो अब इसके लिए भी। दिलीप कुमार नाम के एक यूजर ने चुटकी लेते हुए लिखा कि मरता क्या न करता? एक अन्य सोशल मीडिया यूजर ने लिखा कि इसके लिए आंदोलन होगा और राष्ट्रपति भवन का घेराव कर लेना। सरकार से मांग करना कि राष्ट्रपति भवन में पहाड़ और जंगल बनवा दें। अभिनव नाम की एक यूजर ने लिखा कि केवल वोट डालने के लिए बीजेपी द्वारा यह सब किया जा रहा है लेकिन आपको इन सब से क्या मतलब है।

विष्णु नाम के एक टि्वटर हैंडल से कमेंट किया गया, ‘ चाचा कहना क्या चाहते हो। पहले एक बार यह तो क्लियर कर लो। पिज्जा और थाई मसाज की याद आ रही है लगता है।’ प्रवीण नाम के एक यूजर ने कमेंट किया कि हर कोई आपकी तरह षड्यंत्र ही नहीं रचता है। दीपक यादव नाम के एक यूजर कमेंट करते हैं कि भला तो तुम्हारी ओर से भी किसानों को लेकर कुछ भी नहीं किया गया बस राजनीति चमकाने के लिए आंदोलन करते रहे।

जानकारी के लिए बता दें कि 18 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव है। एनडीए ने द्रौपदी मुर्मू को उम्मीदवार बनाया है जबकि विपक्ष की ओर से यशवंत सिन्हा चुनावी मैदान में उतरे हुए हैं। गौरतलब है कि द्रौपदी मुर्मू का जन्म उड़ीसा आदिवासी जिले मयूरभंज के रायरंगपुर गांव में हुआ। द्रौपदी मुरमू झारखंड की पहली महिला राज्यपाल भी रह चुकी हैं।

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