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बुलडोजर वाली कार्रवाई पर पूर्व IPS ने कहा- छाती पीटने वाले कुछ उखाड़ पाए, लोगों ने किया ट्रोल

पूर्व आईपीएस (EX IPS) द्वारा किए गए ट्वीट पर सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि उन्हें इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

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प्रयागराज हिंसा के कथित मास्टरमाइंड जावेद के घर पर बुलडोजर एक्शनः Photo Credit – PTI

उत्तर प्रदेश में 10 जून को जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा को लेकर योगी सरकार सख्त नजर आ रही है। आरोपियों के अवैध निर्माण पर 12 जून को बुलडोजर चलाया गया। योगी आदित्यनाथ की बुलडोजर वाली कार्रवाई की तारीफ करते हुए रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी डॉ एनसी अस्थाना (Dr NC Asthana) ने ट्वीट किया। जिस पर लोग उन्हें ट्रोल करने लगे।

डॉ एनसी अस्थाना ने किया यह ट्वीट : पूर्व आईपीएस द्वारा कमेंट किया गया कि हेलो दंगाइयों (किसी भी समुदाय के) योगी आदित्यनाथ का सबक सीखे? कानून का पालन करो और कायदे से अपनी औकात में रहो। गुंडई करोगे तो क्या होगा, समझ ही गए होगे? कल दिनभर लिंबू लोग छाती पीटे, रोए गाए, विरोध किए। कुछ उखाड़ पाए? गिरा दिया गया न? उनके बहकावे में न आओ, बाल बच्चों का ख्याल रखो।

इससे पहले उन्होंने बुलडोजर से जमींदोज किए जा रहे प्रयागराज हिंसा के मुख्य आरोपी जावेद के घर का वीडियो शेयर करते हुए लिखा था, ‘संदेश है की दादागिरी बहुत कर ली, दबाव की राजनीति बहुत कर ली, सड़कों के दंगे बहुत कर लिए, कभी सरकारों ने उन्हें बर्दाश्त किया होगा। योगी सरकार यह बर्दाश्त नहीं करेगी, कानून तोड़ने की हिमाकत ना करना। परिणाम सामने है, निर्दोष छेड़ा नहीं जाएगा, दोषी छोड़ा नहीं जाएगा। याद रहे।’

लोगों ने यूं किया ट्रोल : नासिर फराज नाम के एक सोशल मीडिया यूज़र ने सवाल किया कि ये सड़क छाप भाषा कहां सीखे हो? जीशान आलम नाम के एक यूजर ने लिखा – कौन सी कानून की बात करते हो महोदय? अजय मिश्रा के घर बुलडोजर चलवाइए, चीन ने जो लद्दाख में अवैध रूप से कब्जा किए हैं। वहां पर बुलडोजर की मांग कीजिए, डरिए मत कानून आप लोगों के ही हाथ में है।

विशाल यादव नाम के एक यूजर ने लिखा कि इतनी पढ़ाई लिखाई करने का क्या फायदा है? धरन नाम के एक यूजर ने कमेंट किया, ‘ यह एक रिटायर्ड आईपीएस की भाषा है, जिससे साफ झलकता है कि इन्हें अदालतों और न्याय व्यवस्था पर रत्ती भर भरोसा नहीं है। यदि न्याय और कानून व्यवस्था बुलडोजर से ही चलानी है तो सरकार आप जैसों पर इतना पैसा क्यों खर्च कर रही है। अपने जैसे साथियों को इस्तीफा देने के लिए कहिए।’ वहीं ज्यादातर सोशल मीडिया यूजर ने लिखा है कि उन्हें इस तरह की भाषा का इस्तेमाल बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए।

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