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वीडियो: स्‍पीकर पुकारती रहीं मगर सवाल पूछने नहीं उठे ममता के भतीजे, फिर बोलीं- भूल गए हो तो छोड़ दो

पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी लोकसभा में सवाल पूछने के लिए उठे थे, लेकिन सवाल ही भूल गए। अध्‍यक्ष सुमित्रा महाजन ने उनसे कहा क‍ि यदि वह अपना सवाल भूल गए हैं तो छोड़ दें। अध्‍यक्ष ने उनसे पूरक सवाल पूछने को भी कहा, लेकिन सांसद जवाब देने लगे।

Author नई दिल्‍ली | August 1, 2018 11:30 AM
भतीजे व पार्टी के सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ ममता बनर्जी

लोकसभा में बहस के दौरान उस वक्‍त विचित्र स्थिति पैदा हो गई जब पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और TMC के सांसद अभिषेक बनर्जी बहस में हिस्‍सा लेते हुए सवाल पूछने के लिए खड़े हुए। डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने भारी उद्योग को लेकर सवाल पूछने का नोटिस दिया था। उनकी बारी आने पर अध्‍यक्ष सुमित्रा महाजन ने कई बार उनका नाम लिया, लेकिन वह सवाल पूछने के लिए अपनी सीट से उठे ही नहीं। वह कुछ देर बाद उठे और मेज पर दस्‍तावेज खंगालने लगे। इस पर अध्‍यक्ष ने कहा क‍ि यदि आप सवाल भूल गए हैं तो छोड़ दें। टीएमसी सांसद के सवाल का नंबर 184 था। आखिरकार अभिषेक बनर्जी ने हैवी इंडस्‍ट्री से जुड़ा सवाल पूछा। टीएमसी सांसद ने पूछा क‍ि इस सेक्‍टर के लिए आवंटित फंड का इस्‍तेमाल किया गया या नहीं। हालांकि, इस दरम्‍यान लोकसभा अध्‍यक्ष ने कई बार उनसे पूरक प्रश्‍नों के बारे में सवाल किया। इस दौरान सदन के अन्‍य सदस्‍य भी चुटकी लेना नहीं भूले और बोलने लगे कि लोकसभा सदस्‍य शायद सवाल ही भूल गए हैं।

संसद का मानूसन सत्र चल रहा है। इस दौरान विपक्षी पार्टियां एकजुट होकर मोदी सरकार को घेरने में जुटी हैं। कांग्रेस के अलावा ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के सांसद ज्‍यादा हमलावर रुख अपनाए हुए हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने एनआरसी के मसले पर मोदी सरकार पर सीधे ही हमला बोला है। उन्‍होंने गृहयुद्ध तक की चेतावनी दे डाली है। राफेल डील के अलावा अन्‍य मसलों पर सरकार से तीखे सवाल पूछे जा रहे हैं। मंगलवार को संसद के दोनों सदनों में NRC का मुद्दा भी गर्माया रहा। विपक्षी दलों की ओर से इस बाबत चिंता जाहिर करने के बाद सरकार को उनके सवालों का जवाब देने के साथ ही इस मसले पर अपना रुख भी स्‍पष्‍ट करना पड़ा। बता दें कि एनआरसी में 40 लाख से ज्‍यादा लोगों के नाम को शामिल नहीं किया गया है। इससे इन लोगों में यह आशंका घर कर गई है कि उन्‍हें निकाल दिया जाएगा। हालांकि, गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इस मसले पर सरकार का रुख स्‍पष्‍ट करते हुए कहा क‍ि असम के लोगों को अपनी नागरिकता साबित करने के लिए दोबारा मौका दिया जाएगा। वहीं, राज्‍यसभा में इस मसले पर बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह ने भी सरकार का पक्ष रखा। उन्‍होंने कहा क‍ि जो काम कांग्रेस नहीं कर सकी उसे उनकी सरकार ने कर दिखाया है। उनके बयान पर विपक्षी दलों ने हंगामा करना शुरू कर दिया था।

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