Padmavati Movie, Padmavat Movie Release Protest News in Hindi, Padmavati Movie Review: actor Farhan Akhtar‏ calls karni sena protesters terrorists twitter users reacts with anger - पद्मावत: फरहान अख्‍तर ने करणी सेना को बताया 'आतंकी' तो भड़क गए लोग, गिनाने लगे पुरानी वारदातें - Jansatta
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पद्मावत: फरहान अख्‍तर ने करणी सेना को बताया ‘आतंकी’ तो भड़क गए लोग, गिनाने लगे पुरानी वारदातें

Padmavati Movie Release: एक यूजर ने मुंबई के आजाद मैदान हिंसा का जिक्र करते हुए लिखा, ' आपका आजाद मैदान दंगों के बारे में क्या कहना है, जहां महिला पुलिस कर्मियों के साथ छेड़छाड़ की गई थी, उसके बारे में भी कुछ बताइए।'

फिल्म पद्मावत में रानी पद्ममिनी का किरदार निभा रही अभिनेत्री दीपिका पादुकोण और एक्टर फरहान अख्तर

दिल्ली से सटे गुरुग्राम में स्कूल बस पर करणी सेना द्वारा हमले पर बॉलीवुड ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। एक्टर फरहान अख्तर ने करणी सेना की तुलना आतंकवादियों से की है और उन्हें इसी नाम से पुकारे जाने की अपील की है। फरहान अख्तर ने ट्वीट किया, ‘स्कूल बस पर हमला करना आंदोलन नहीं है। यह आतंकवाद है। जिन लोगों ने यह किया वे आतंकवादी हैं। कृपया उनको यही कहें।’ हालांकि ट्विटर पर इस ट्वीट के लिए फरहान अख्तर को लोगों ने खरी-खोटी सुनाई। यूजर्स पुरानी वारदातों का हमला देकर फरहान अख्तर से पूछने लगे कि बताइए यह क्या है। धीरेन्द्र नाम के यूजर ने लिखा, ‘हा भाई, वो लोग तो terrorist हैं. और जो अल्लाह हु अकबर करके लोगों के सर काटते हैं वो अल्लाह के फरिश्ते वाह वाह।’ एक यूजर ने कहा, ‘वैसे आप उन्हें क्या कहेंगे जो नेशनल एंथम गाने का विरोध करते हैं और कश्मीर अलगाववाद का विरोध करते हैं। ‘ एक यूजर ने कहा, ‘हमने केरल के आतंकवादियों के खिलाफ इन्हें बोलते कभी नहीं सुना, जो बच्चों के सामने लोगों को मार देते हैं।’

कुछ यूजर्स ने फरहान अख्तर को कहा कि पहले आप ‘आतंकवाद’ को परिभाषित करिए। सुभाष सक्सेना ने राय दी, ‘कृपया आतंकवाद को परिभाषित करें फिर विरोध करें, आपने प्रदर्शनकारियों को निर्दोष लोगों को मारते कहां देखा।’ एक यूजर ने लिखा, ‘यह आतंकवाद नही अराजक तत्वों की हिंसा है, मूर्ख व्यक्ति आतंकवाद और आतंकवादी की परिभाषा का अध्ययन करो।’ एक यूजर ने मुंबई के आजाद मैदान हिंसा का जिक्र करते हुए लिखा, ‘ आपका आजाद मैदान दंगों के बारे में, जहां महिला पुलिस कर्मियों के साथ छेड़छाड़ की गई थी, बेरहमी से हमला किया गया और आतंकित किया गया, तुम और तुम्हारे पापा ने उसकी निंदा नहीं की, लेकिन उस अंधेरे दिन के बारे में जिस महिला पुलिसकर्मी ने कविता लिखी उसे तुरंत बदनाम करने लग गये।’ एक यूजर ने लिखा, ‘कोई ट्वीट अगर ऐसे मामलों में भी किया हो तो बताओ।’

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