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पद्मावती: बीजेपी नेता ने कहा- पूरे देश में चलाएंगे स्वच्छता अभियान, एक-एक स्क्रीन को आग लगाने की ताकत

इसी बीजेपी नेता ने संजय लीला भंसाली और दीपिका पादुकोण का सिर काटने वाले को 10 करोड़ रुपये का इनाम देने की बात कही थी।

संजय लीला भंसाली की फिल्म में पद्मावती की भूमिका दीपिका पादुकोण ने निभायी है। (फाइल फोटो)

पद्मावती फिल्म के निर्देशक संजय लीला भंसाली और नायिका दीपिका पादुकोण का सिर काटने वाले को 10 करोड़ रुपये का इनाम देने की घोषणा करने वाले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता सूरज पाल अमू ने “एक-एक फिल्म हॉल में” आग लगाने की धमकी दी है। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार सूरज पाल अमू ने कहा, “हिंदुस्तान के सारे सिनेमा हॉल में स्वच्छता अभियान चलाएंगे, एक-एक स्क्रीन को आग लगाने की ताकत रखता है क्षत्रिय समाज और इस देश का नौजवान।” हरियाणा बीजेपी के नेता सूरज पाल अमू के खिलाफ भंसाली और पादुकोण को धमकी देने के बयान पर मंगलवार (21 नवंबर) को गुड़गांव में एक एफआईआर भी दर्ज करायी गयी है।

दीपिका पादुकोण, शाहिद कपूर और रणवीर सिंह की फिल्म पद्मावती पहले एक दिसंबर को रिलीज होने वाली थी लेकिन विवाद के कारण उसकी प्रसारण की तारीख आगे बढ़ा दी गयी है। भारतीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने फिल्म को प्रमाणपत्र नहीं दिया है। राजस्थान के करणी सेना समेत कई संगठन इतिहास को “तोड़-मरोड़ कर” पेश करने का आरोप लगाते हुए फिल्म का विरोध कर रहे हैं। पद्मावती फिल्म से जुड़े लोगों को मिल रही धमकियों के मद्देनजर दीपिका पादुकोण, उनका माता-पिता और संजय लीला भंसाली को पुलिस सुरक्षा प्रदान की गयी है।

padmavati, suraj pal amu हरियाणा बीजेपी के नेता सूरज पाल अमू ने हर सिनेमाघर में स्वच्छता अभियान चलाने की धमकी दी है।

बीजेपी शासित मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उनके राज्यों में फिल्म के प्रदर्शन की इजाजत नहीं मिलेगी। राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा है कि पद्मावती फिल्म कहानी में बगैर बदलाव के राज्य में रिलीज नहीं हो सकती। कांग्रेस शासित पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने भी फिल्म का विरोध करने वालों का समर्थन किया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने फिल्म के विरोध पर आपत्ति जताते हुए फिल्मी संसार के लोगों को एकजुट होने का आह्वान किया है।

फिल्म के निर्देशक संजय लीला भंसाली ने अपने वीडियो बयान में सफाई दी थी कि फिल्म में ऐसा कुछ नहीं है जिस पर राजपूत समुदाय को आपत्ति हो। भंसाली ने कहा था कि फिल्म में राजपूत समुदाय की वीरता और साहस की तारीफ की गयी है। भंसाली ने साफ किया था कि कुछ संगठनों का ये दावा गलत है कि फिल्म में अल्लाउद्दीन खिलजी और रानी पद्मावती के बीच कोई काल्पनिक प्रणय दृश्य फिल्माया गया है।

पद्मावती फिल्म मध्यकालीन कवि मलिक मोहम्मद जायसी की रचना पद्मावत पर आधारित है। इसका रचनाकाल 1540 ईसवी के आसपास माना जाता है। इस अवधी महाकाव्य में दिल्ली के सुल्तान अल्लाउद्दीन खिलजी को चित्तौड़ की रानी पद्मावती को हासिल करने के लिए राज्य पर हमला करने की कहानी है। चित्तौड़ का राजा रतन सिंह अपने राज्य और रानी की रक्षा करते हुए शहीद हो जाता है। खिलजी के हाथों में पड़ने से बचने के लिए रानी पद्मावती अन्य महिलाओं के साथ जौहर कर लेती है। इस कहानी के ऐतिहासिक होने को लेकर इतिहासकारों में विवाद है। ज्यादातर स्थापित इतिहासकार मानते हैं कि ये कहानी काल्पनिक है।

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