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अब बीजेपी को बर्दाश्त करना मुश्किल- नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल पर एक्शन लिया तो बीजेपी पर भड़का एक तबका

नुपुर शर्मा पर कार्रवाई किए जाने पर एक तबका भाजपा से नाराजगी व्यक्त कर रहा है।

Narendra Modi, PM Of India, Vindo Kapari
पीएम नरेंद्र मोदी (सोर्स- @BJP4india)

भारतीय जनता पार्टी ने पैगंबर मोहम्मद पर अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में नुपुर शर्मा और नवीन जिंदल पर कार्रवाई की है। कई लोग इस कार्रवाई से अभी भी संतुष्ट नहीं है तो कुछ लोग भाजपा द्वारा उठाये कदम को सही बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक तबका ऐसा भी है जो बीजेपी के इस फैसले पर ही सवाल उठा रहा है और नाराजगी व्यक्त कर रहा है।

प्रोफेसर आनंद रंगनाथन ने लिखा कि ‘नुपुर शर्मा का निलंबन भाजपा की कायराना हरकत है। पार्टी ने उसे भेड़ियों के हवाले कर दिया है। नूपुर, हम चाहते हैं कि आप जाने कि इस देश की ताकत किसी पार्टी के नहीं, अपने लोगों के हाथों में है। हम, लोग, हमेशा, हर कदम, हर सांस तक आपके साथ खड़े हैं।’ अंशुल सक्सेना ने लिखा कि ‘भाजपा ने सपा के पूर्व नेता नरेश अग्रवाल को पार्टी में शामिल किया, जिन्होंने संसद में हिंदू देवताओं को शराब से जोड़ा। बीजेपी ने नुपुर शर्मा और नवीन जिंदल को ऐसे समय में निलंबित कर दिया है जब उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी मिल रही है। जम्मू-कश्मीर में टारगेट कर हत्याओं पर भाजपा ने चुप्पी साध ली। मास्टरस्ट्रोक।’

राजीव गुप्ता ने लिखा कि ‘जब इस्लामवादियों द्वारा हिंदू देवताओं का अपमान किया जाता है तो भाजपा कभी कोई कार्रवाई नहीं करती है जबकि अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को उनके हाल पर छोड़ देती है। भले ही वे इस्लामवादियों के बारे में सच ही क्यों ना बोलें! इस तरह की मूर्खता को भाजपा द्वारा मास्टरस्ट्रोक के रूप में कुछ लोगों के विचार को ठीक साबित किया गया है।’ यती शर्मा नाम की यूजर ने लिखा कि ‘नूपुर शर्मा को बर्खास्त कर अगर बीजेपी सेक्युलर बनने की कोशिश करेगी तो ये बीजेपी के पतन की शुरुआत होगी।’

राजेश वर्मा नाम के अनुसार, ‘बीजेपी को अब बर्दाश्त करना मुश्किल हो गया है, सभी हिंदू संगठनों से अनुरोध है कि वे अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी बनाएं और बीजेपी को सत्ता से हटा दें।’ जितेश नाम के यूजर ने लिखा कि ‘भाजपा शांतिपूर्वक विरोध कर रहे कश्मीरी पंडितों को गिरफ्तार कर सकती है, लेकिन कश्मीर में हिंदुओं की हत्या पर कुछ नहीं कर सकती। अल्पसंख्यक तुष्टिकरण के लिए नूपुर शर्मा को गलत तरीके से निलंबित कर सकती है बीजेपी, लेकिन एआईएमआईएम के उस उम्मीदवार को गिरफ्तार नहीं कर सकती जिसने उन पर इनाम रखा था।’

कान्ति वर्मा ने लिखा कि ‘बीजेपी ने तब मौन साधे रखा, जब हजारों ने शिवलिंग का मजाक उड़ाया। ओवैसी हिंदू देवताओं को गाली देते रहे, जब नूपुर शर्मा ने कुछ ऐसा कहा तो आपने उसे निलंबित कर दिया।’ अभय नाम के यूजर ने लिखा कि ‘जब बंगाल हिंसा होती है तो बीजेपी की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं होती। जब बंगाल में एक के बाद एक नेताओं की हत्या की जाती है, बीजेपी की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं होती परंतु जब नुपुर शर्मा सच बोलती हैं, वो तुरंत सस्पेंड हो जाती हैं।’

बता दें कि नुपुर शर्मा पर कार्रवाई करने से पहले भाजपा की तरफ से कहा गया कि वह सभी धर्मों का सम्मान करती है और किसी भी धर्म के पूजनीय लोगों का अपमान स्वीकार नहीं करती। गौतलब है कि भाजपा से सस्पेंड होने वाली नुपुर शर्मा प्रवक्ता थीं और नवीन जिंदल दिल्ली भाजपा के मीडिया हेड थे, जो पूर्व में पत्रकार रह चुके हैं।

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