slam poetry against racial and gender harassment by a northeast girl became viral on facebook - Jansatta
ताज़ा खबर
 

22 वर्षीय लड़की ने नस्ली और लैंगिक पूर्वाग्रह की उड़ाई धज्जी, कविता का वीडियो हुआ वायरल

कविता में विनातोली कहती हैं कि मैं आपसे बस इतना चाहती हूं डियर कि मेरे मेरे कपड़े या रूपरंग से मेरे बारे में कोई राय न बनाएं।

विनातोली एपथो ने ये पोएट्री का वीडियो अपने फेसबुक पर शेयर किया था जिसे अब तक एक लाख से अधिक लोग देख चुके हैं। (screenshot)

22 साल की विनोतोली येपथो के कत्तई नहीं पता रहा होगा कि उनकी एक कविता इंटरनेट सनसनी बन जाएगी। कोलकाता के नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ ज्यूरिडिकल साइंसेज (एनयूजेएस) में पढ़ने वाले विनोतोली ने पिछले हफ्ते अपनी कविता “फाइव रूल्स फॉर हूमएवर इट मे कंसर्न” (जिससे भी इसका वास्ता हो उसके लिए पांच नियम) का वीडियो फेसबुक पर शेयर किया था। इस वीडियो को अब तक एक लाख से अधिक लोग देख चुके हैं। इस कविता में विनोतोली ने पूर्वोत्तर की लड़कियों के प्रति “नस्ली और लैंगिक पूर्वाग्रहों” पर कटाक्ष किया है। विनातोली ने सात अगस्त को नेशनल यूथ पोएट्री स्लैम (NYPS) के ऑडिशन में इस कविता का प्रदर्शन किया था।

नगालैंड की रहने वाली विनातोली ने 12वीं तक की पढ़ाई अपने गृह प्रदेश में की है। स्कूल की पढ़ाई के बाद ही उन्होंने भारत के दूसरों इलाकों में जाना शुरू किया। विनातोली ने द न्यूज़ मिनट वेबसाइट को बताया, “मेरे सीनियर और परिवार के सदस्यों ने मुझे नस्ली टिप्पणियों से जुड़े अपने अनुभव बताए थे लिकन मैंने खुद इनका सामना किया तो मुझे बहुत बुरा लगा। एक बार मैं अहमदाबाद में था तो मेरे साथ बहुत दोस्ताना ढंग से पेश आने वाली एक लड़की ने पूछा की तुम चीन में कहां से हो?”

विनातोली ने जब लड़की को बताया कि वो नगालैंड की है तो उसने पूछा की चीन में नगालैंड कहां पर है। विनातोली ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, “दरअसल वो काफी निराश थी कि मैं चीन की नहीं हूं। जब मैंने उसे नगालैंड के बारे में बताया और कहा कि मैं भारतीय हूं तो उसका चेहरा उतर गया।”

विनातोली कहती हैं कि पूर्वोत्तर की महिलाओं को भारत के दूसरे हिस्सों में यौन उत्पीड़न का काफी शिकार होना पड़ता है। विनोतोली मानती हैं कि लोगों को पूर्वोत्तर के लोगों के कपड़ों और रूपरंग को स्वीकार नहीं कर पाते। विनातोली ने बताया, “वो मुझसे पूछते हैं कि क्या मैं स्पा में काम करती हूं। वो कहते हैं पूर्वोत्तर भारत की महिलाएं ‘सहज’ और ‘दोस्ताना’ होती हैं, लेकिन इन शब्दों से उनका आशय अच्छा नहीं होता।” विनातोली मानती हैं कि आम तौर पर सभी महिलाओं को उत्पीड़न का शिकार होना पड़ता है लेकिन पूर्वोत्तर की महिलाओं को नस्ली और लैंगिक दोहरे उत्पीड़न से जूझना पड़ता है। इसीलिए उन्होंने अपने और अपनी दोस्तों के अनुभवों को स्वर देने के लिए ये कविता लिखी।

विनातोली की कविता “जिससे भी इसका वास्ता हो उसके लिए पांच नियम”

अगर मैं हॉट पैंट्स या कंधे से सीने तक दो स्ट्रीप वाला स्लीवलेस टॉप पहनूं तो मेरे बारे में कोई फैसला मत कीजिए क्योंकि मेरी पहचान मेरे कपड़ों से नहीं तय होती। मेरी पहचान इससे है कि मैं क्या करती हूं और क्या कर सकती हूं।

मैं आपको मुझे घूरने और मुझे असहज महसूस कराने का अधिकार नहीं देती। ये साहस का काम है। अलग होने का साहस, प्रयोग करने से न डरने का साहस। ये हंसने और मजाक बनाने का खुला न्योता नहीं है।

अगर मैं रेड चेरी ब्लॉसम लिपस्टिक लगाती हूं और आपको देखकर मुस्करा देती हूं तो आप इसका कोई और मतलब नहीं निकालें। ये केवल औपचारिकता है, उत्सुकता नहीं। मेरी मुट्ठी का आकार देखकर मुझे कम मत समझें क्योंकि जब आप करीब से देखेंगे तो आपको पता चलेगा कि ये पिघले हुए लोहे से बनी है।

अगर आप सॉरी बोलते हैं और मैं कह देती हूं कि ओके इसका ये मतलब नहीं है कि आपके मुझे कष्ट देने को लेकर मैं सहज हूं। इसका मतलब ये हुआ कि आपने अगर दोबारा ऐसा किया तो क्या अंजाम होगा इसका अंदाजा आप लगा सकते हैं।

एक मुक्के में आपको आप मेरी छोटी और तीखी आंखों की तरह चिपक हो जाओगे। मेरा मुक्का इतना तेज है कि अगर आप ने हवस और नफरत से मेरी ओर देखा तो ये आपको हजार टुकड़ों में बांट देगा।

अगर आप अब भी इन नियमों को नहीं मानते तो याद रखिए मेरे पूर्वज लड़ाके थे। मैं योद्धाओं के कबीले में पैदा हुई हूं। याद रखना दुनिया की ‘सबसे तेज मिर्ची’ मेरी दादी के बगीचे में पैदा होती है।

लेकिन अगर आप प्रेम, उदारता और अपनेपन के साथ मुस्करा कर मिलते हैं तो मैं आपकी दोस्त रहूंगी। मैं आपको उन जगहों पर ले जाऊंगी जहां आप पहले कभी नहीं गए होंगे।

मैं आपसे बस इतना चाहती हूं डियर कि मेरे मेरे कपड़े या रूपरंग से मेरे बारे में कोई राय न बनाएं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App