दो हिस्सों में मिला अर्थशास्त्र का नोबल, पहले डेविड कार्ड और उसके बाद जोसुआ-गुइडो को संयुक्त रूप से सम्मान

नोबोल पुरस्कार से सम्मानित होने वाले अर्थशास्त्रियों में बर्कले स्थित कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के डेविड कार्ड, मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के जोशुआ डी. एंग्रिस्ट और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के गुइडो इम्बेन्स शामिल हैं।

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बाएं से दाएं- डेविड कार्ड, जोशुआ डी. एंग्रिस्ट और गुइडो इम्बेन्स। (फोटोः इंडियन एक्सप्रेस)

अर्थशास्त्र का नोबल पुरस्कार इस बार तीन अमेरिकी अर्थशास्त्रियों को मिलगा। नोबोल से सम्मानित होने वाले अर्थशास्त्रियों में बर्कले स्थित कैलिफोर्निया विवि. के डेविड कार्ड, मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के जोशुआ डी. एंग्रिस्ट और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के गुइडो इम्बेन्स शामिल हैं। रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेस ने कहा कि तीनों ने आर्थिक विज्ञान को पूरी तरह से बदल दिया है। एएनआई के मुताबिक- अर्थशास्त्र का नोबल इस बार दो हिस्सों में दिया जा रहा है। पहले डेविड कार्ड और उसके बाद जोसुआ-गाइडो को संयुक्त रूप से सम्मान मिलेगा।

कार्ड ने न्यू जर्सी और पेंसिलवेनिया के रेस्तरां में अपनी रिसर्च की। उन्होंने मिनिमम वेजेज के बढ़ने पर प्रभावों का अध्ययन किया। उनकी और उनके दिवंगत पार्टनर एलन के. की रिसर्च से पता चला कि घंटे के आधार पर वेजेज बढ़ाने से रोजगार पर असर नहीं पड़ता। इम्बेन्स ने बताया कि जब पुरस्कार का ऐलान हुआ तो वह और उनका पूरा परिवार नींद में था। खबर से उन्हें बेहद रोमांच महसूस हो रहा है। उनका कहना था कि वह एंग्रिस्ट को लेकर काफी अच्छा महसूस कर रहे हैं। वह उनकी शादी में बेस्ट मैन के तौर पर शामिल हुए थे।

अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत में स्थापित नहीं किया गया था। स्वीडिश केंद्रीय बैंक द्वारा 1968 में उनकी स्मृति में इसकी शुरुआत की गई थी। पहले विजेता को एक साल बाद चुना गया था। यह प्रत्येक वर्ष घोषित नोबल का अंतिम पुरस्कार है। पिछले साल का पुरस्कार स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के दो अर्थशास्त्रियों पॉल आर मिल्ग्रोम और रॉबर्ट बी विल्सन को नीलामी के समाधान के लिए दिया गया था।

गौरतलब है कि पिछले हफ्ते, 2021 का नोबेल शांति पुरस्कार फिलीपीन की पत्रकार मारिया रेसा और रूस के दिमित्री मुरातोव को उन देशों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए उनकी लड़ाई के लिए दिया गया था। वहां पत्रकारों को लगातार हमलों, उत्पीड़न और यहां तक ​​कि हत्या का सामना करना पड़ा है। साहित्य का नोबेल तंजानिया के लेखक, ब्रिटेन में रहने वाले अब्दुलरजाक गुरनाह को दिया गया।

हालांकि, मारिया रेसा को नोबल से सम्मानित करने पर फिलीपिन खुश नहीं दिखा। लेकिन अब फिलीपिन के राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते की तरफ से मारिया को बधाई दी गई है। उनके प्रशासन ने इस आलोचना को खारिज किया है कि रेसा को यह पुरस्कार मिलना दुतेर्ते के नेतृत्व के लिए तमाचा है। राष्ट्रपति के प्रवक्ता हैरी रॉक ने कहा कि रेसा आपराधिक मामले का सामना कर रही हैं। उन्होंने कहा कि फिलीपीन में पत्रकारों की आवाज को नहीं दबाया जाता है।

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