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अन्य करेंसी के तुलना में डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति ठीक- बोली वित्त मंत्री तो लोग बोले- पड़ोसी के घर खाने में क्या पका है उससे हमें क्या?

वित्त मंत्री निर्नेमला सीतारमण ने कहा कि अगर कोई एक मुद्रा है जो खुद को संभालाने में सक्षम है और अन्य मुद्राओं की तुलना में उतार-चढ़ाव से बची हुई है, तो वह भारतीय रुपया है।

अन्य करेंसी के तुलना में डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति ठीक- बोली वित्त मंत्री तो लोग बोले- पड़ोसी के घर खाने में क्या पका है उससे हमें क्या?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (फोटो: पीटीआई/ फाइल)

रूपये में ही रही लगातार गिरावट के मुद्दे पर सरकार विपक्ष के निशाने पर है। डॉलर के मुकाबले रूपये अब रिकॉर्ड गिरावट देखने को मिल रही है। शुक्रवार को 81.09 रुपये प्रति डॉलर के स्तर तक पहुंच गया था। पिछले कुछ महीनों में रुपये की कीमत में लगातार गिरावट आई है। इस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि दुनिया की अन्य मुद्राओं की तुलना में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कहीं अधिक मजबूती से खड़ा रहा है।

क्या बोलीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

वित्त मंत्री ने कहा कि ‘अगर मुद्राओं की उतार -चढ़ाव वाली मौजूदा स्थिति में किसी एक मुद्रा ने अपनी स्थिति को काफी हद संभाल रखा है तो यह भारतीय रुपया ही है। हमने काफी अच्छी तरह इस स्थिति का सामना किया है। वित्त मंत्री ने यह भी कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और वित्त मंत्रालय रुपये की स्थिति पर लगातार करीबी नजर रखे हुए हैं। सोशल मीडिया पर लोग वित्त मंत्री के बयान पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

विशाल ददलानी ने ऐसे कसा तंज

सिंगर विशाल ददलानी ने लिखा कि आसानी से समझने के लिए अनुवाद किया है, “हम रात को दिन कहीं तो भी ये मूर्ख भाजपाई-जनता मान ही लेगी। उन्हे क्या पता? वो तो पहले से जुमलों के आदि हैं।” एक यूजर ने लिखा रुपया क्यों गिर रहा है? इसका जवाब सिर्फ और सिर्फ मोदी जी के पास है। @SanstubKool ने लिखा कि वो दिन कहा गये जब रूपये के साथ पीएम की गरिमा भी गिरती थी?

@soubhiksimon1 यूजर ने लिखा कि अब पड़ोसी के घर खाने में क्या पका है उससे हमको क्या? हमारे घर की दाल क्यों खराब हो रही है ये बताओ! एक यूजर ने लिखा कि तो हमारी वित्त मंत्री तभी काम करेंगी, जब दुनिया के सभी देशों की तुलना में रुपया सबसे ज्यादा गिरेगा? एक यूजर विशाल ददलानी को जवाब देते हुए लिखा कि जनता को मुर्ख कहने वाला खुद मुर्ख होता है। सभी मुद्राओं के मुकाबले भारतीय मुद्रा बहुत अच्छा कर रहा है।

बता दें कि रूपये की गिरावट पर विशेषज्ञों का मानना है कि यूक्रेन और रूस के बीच शुरू हुई युद्ध के बाद बढ़े भू-राजनीतिक तनाव ने डॉलर की तुलना में दूसरी मुद्राओं की स्थिति को कमजोर किया है। साथ ही अमेरिका समेत कई देशों के केंद्रीय बैंकों की ब्याज दरों में बढ़ोतरी का भी असर पड़ा है। गौरतलब है कि आठ महीनों में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगभग 90 बिलियन डॉलर या लगभग 11 बिलियन डॉलर प्रति माह कम हो गया है।

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First published on: 25-09-2022 at 08:10:53 pm
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