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एनडीटीवी पर बैन का समर्थन करने वालों ने बता दिया पाकिस्‍तानी चैनल, देखिए कैसे-कैसे ट्वीट कर रहे

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा गठित एक अंतर-मंत्रालय समिति की सिफारिश के बाद गुरुवार (3 अक्टूबर) को एनडीटीवी के हिंदी न्यूज चैनल को आदेश दिया गया कि वह एक दिन के लिए प्रसारण रोके।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा गठित एक अंतर-मंत्रालय समिति की सिफारिश के बाद गुरुवार (3 अक्टूबर) को एनडीटीवी के हिंदी न्यूज चैनल को आदेश दिया गया कि वह एक दिन के लिए प्रसारण रोके। समिति ने पठानकोट वायुसेना अड्डे पर इस साल जनवरी में हुए आतंकी हमले की कवरेज के संदर्भ में चैनल पर कार्रवाई की सिफारिश की थी। इसके बाद से ट्विटर पर #NDTVBanned ट्रेंड कर रहा है। कई पत्रकार, लोग बैन को गलत बता रहे हैं। एडिटर्स गिल्ड ने भी इस कार्रवाई को अनुचित बताया था। लेकिन इसी हैशटैग पर कुछ लोग एनडीटीवी को पाकिस्तान का न्यूज चैनल तक बता रहे हैं। एक शख्स ने इसे मोदी सरकार का अच्छा कदम भी बताया। वहीं एक लड़की ने तो यह भी लिखा कि उसे एनडीटीवी पर बैन लगने के बाद स्वतंत्रता दिवस जैसी फीलिंग हो रही है। वहीं कुछ ने कहा कि एनडीटीवी पर हमेशा के लिए रोक लगा देनी चाहिए। एक शख्स ने लिखा कि एनडीटीवी पर लगा प्रतिबंध इस बात को बताता है कि आजादी और लोकतंत्र के नाम पर कुछ भी नहीं किया जा सकता।

गौरतलब है कि सरकार के आदेश के बाद शुक्रवार को एनडीटीवी का बयान आया था। एनडीटीवी इंडिया की वेबसाइट पर यह बयान प्रकाशित किया गया था। बयान में कहा गया, ‘सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का आदेश प्राप्‍त हुआ है। बेहद आश्चर्य की बात है कि NDTV को इस तरीके से चुना गया। सभी समाचार चैनलों और अखबारों की कवरेज एक जैसी ही थी। वास्‍तविकता में NDTV की कवरेज विशेष रूप से संतुलित थी। आपातकाल के काले दिनों के बाद जब प्रेस को बेड़ियों से जकड़ दिया गया था, उसके बाद से NDTV पर इस तरह की कार्रवाई अपने आप में असाधारण घटना है। इसके मद्देनजर NDTV इस मामले में सभी विकल्‍पों पर विचार कर रहा है।’

एनडीटीवी पर लगाए गए एक दिन के बैन पर एडिटर्स गिल्ड ने भी निंदा की है।

देखिए कैसे-कैसे ट्वीट आए-