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मालिक को अपने गुलामों पर भी शक है – रवीश कुमार ने पत्रकारों के फोन टैप मामले में पीएम नरेंद्र मोदी की ली चुटकी, आने लगे ऐसे कमेंट्स

Ravish Kumar, NDTV: दुनिया के विभिन्न देशों में सरकारों द्वारा पत्रकारों और चर्चित चेहरों की जासूसी करने का मामला सामने आया है। इस पर केंद्र सरकार ने अपने जवाब देते हुए कहा है कि यह रिपोर्ट सरकार की छवि खराब करने के इरादे से तैयार की गई है और इसमें कोई सच्चाई नहीं है।

Updated: July 19, 2021 10:26 AM
मालिक को अपने गुलामों पर भी शक है – फोन टैपिंग मामले में रवीश कुमार ने पीएम की ली चुटकी (फाइल फोटो – पीटीआई)

दुनिया के विभिन्न देशों में सरकारों द्वारा पत्रकारों और चर्चित चेहरों की जासूसी करने का मामला सामने आया है। इस पर केंद्र सरकार ने अपने जवाब देते हुए कहा है कि यह रिपोर्ट सरकार की छवि खराब करने के इरादे से तैयार की गई है और इसमें कोई सच्चाई नहीं है। इस रिपोर्ट पर एनडीटीवी के पत्रकार रवीश कुमार ने नरेंद्र मोदी सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने लिखा कि मालिक को अपने गुलामों पर भी शक है।

रवीश कुमार ने अपनी फेसबुक पोस्ट के माध्यम से लिखा कि, ‘तो पत्रकारों के फ़ोन सुने जा रहे हैं इस दौर में, रुकिए, उन पत्रकारों के भी सुने जा रहे हैं जो सरकार बहादुर की खुशामद में लगे हैं। सबसे ज़्यादा शक तो उन्हीं पर है। मालिक को अपने ग़ुलामों पर शक है। हा हा। उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए लिखा कि अगर सारी ऊर्जा इसी सब में लगेगी तभी तो अर्थव्यवस्था का हाल चौपट होगा, तभी तो आप बेरोज़गार होंगे और तभी तो आप आई टी सेल के मुद्दों में बहकाए जाएँगे, हिन्दू मुसलमान करेंगे। हिन्दी प्रदेश के नौजवानों बहुत दुख होता है तुम्हारे बर्बाद भविष्य के रास्तों को देख कर। पढ़ लीजिए कम से कम।’

उनके फेसबुक पोस्ट पर तमाम यूज़र कमेंट कर रहे हैं। कुछ लोग उनकी इस बात का समर्थन कर रहे हैं वहीं कुछ लोग उन्हें अपनी उर्जा इन बातों में न खत्म करने की सलाह दे रहे हैं। मनोज शर्मा नाम के एक फेसबुक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा कि, ‘अच्छा जी, तो टूलकिट गैंग चाइना से फंडिंग लेकर नक्सली गौतम नवलखा को पहुंचा रहे और सरकार इनपर नजर भी न रखे। पिछली सरकारों में बहुत मलाई चाट ली है चाटुकारों। अब समय है हिसाब चुकता करने का।’

एक फेसबुक यूजर रवीश कुमार के इस पोस्ट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखते हैं कि दुनिया की कोई सरकार ऐसी नहीं कि जो फोन टेप न कराती हो। सरकार तो छोड़ो, तमाम कंपनियां अपने एम्प्लॉयीज पर निगाह रखने के लिए CCTV कैमरे भी लगवाती हैं। यह देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए आवश्यक है। यदि आप कुछ गलत नहीं कर रहे, चोरी नहीं कर रहे तो रिकॉर्डिंग से कैसा घबराना? कैमरे और फोन टेप के डर का माहौल चोरों में होता है। आप चाहें तो एटीएम, मॉल्स, सड़कों पर लगे कैमरों को भी लानत भेज सकते है। यूं चोर की दाढ़ी में तिनका रविश कुमार। अब तो वाक़ई डर का माहौल है। सुधांशु कुमार नाम के यूजर कमेंट करते हुए लिखते हैं कि बहुत चिंताजनक बात है कि आपका नाम नही है इनकी सूची में मतलब अब आपको फिर नये शिरे से काम करना पड़ेगा ताकि कुछ तो ध्यान सरकार आप पर दे लगे रहिये हमारी दुआएं है।

समदर्शी शुक्ला नाम के फेसबुक हैंडल से रवीश कुमार का मजा लेते हुए लिखा कि फोन रिकॉर्ड करने वाली तकनीक को हज़ार लानतें भेज रहा हूँ बाकी सरकार तो मासूम है। वहीं एक यूज़र ने कमेंट किया कि आपका नंबर नहीं आया इसमें – सोचने वाली बात है, थोड़ी मेहनत और कीजिए जैसी मैग्सेसे अवार्ड के समय की थी।

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