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‘इनकी पोल खुल गई है, इसलिए विदेश भेजे जा रहे थे टीके..’, रवीश कुमार ने मोदी सरकार पर साधा निशाना, लोग कर रहे ऐसे कमेंट्स

Ravish Kumar ने भी मोदी सरकार निशाना साधते हुए तंज कसा है कि इस देश में लोग बिना वेंटिलेटर मर जा रहे हैं औऱ सरकार पोस्टर लगाने वालों को गिरफ्तार कर रही है।

May 18, 2021 9:08 AM
NDTV के Ravish Kumar ने कोरोना से उपजे संकट पर केंद्री की Narendra Modi सरकर पर निशाना साधा है। (Photo: PTI)

देश में कोरोना संक्रमण से हालात बेहद खराब हैं। कोरोना की इस दूसरी लहर में लाखों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इस भयावह स्थिति के बीच केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर लोग सवालिया निशाना लगा रहे हैं। वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने भी मोदी सरकार निशाना साधते हुए तंज कसा है कि इस देश में लोग बिना वेंटिलेटर मर जा रहे हैं औऱ सरकार पोस्टर लगाने वालों को गिरफ्तार कर रही है।

रवीश कुमार ने अपने फेसबुक पोस्ट पर लिखा है- “क्या आप जानते हैं कि मोदी सरकार टीका बाहर क्यों भेज रही थी ? राज्य सभा में स्वास्थ्य मंत्री अश्विनी चौबे ने एक लिखित जवाब दिया है जिसमें बताया है कि दूसरे देशों में कोरोना का चेन तोड़ने के लिए टीका बाहर भेजा गया है ताकि वहां के लोग जब भारत आएं तो यहां संक्रमण न फैले। मतलब एक करोड़ टीका लेकर मोदी सरकार दूसरे देशों में कोरोना चेन तोड़ने की फ़िक्र कर रही थी। हंसी आ रही है।

वैसे भी जब पोल खुली है तो सरकार इस बात को प्रमुखता से कहने लगी है कि सारा टीका निर्यात नहीं था। कंपनियों का अपना करार था जिसके तहत साढ़े पांच करोड़ से अधिक टीका निर्यात हुआ। बाक़ी एक करोड़ से कुछ अधिक मदद के तौर पर गया। लेकिन ग्लोबल चेन तोड़ने वाला लॉजिक एकदम यूनिक है। वैसे ब्रिटेन और अमरीका ने किसी को टीका निर्यात नहीं किया। पहले अपनी आबादी को सुरक्षित किया। उसके बाद अमरीका और कनाडा कह रहे हैं कि उनके पास जो अतिरिक्त है उसे दुनिया के साथ साझा करेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा है कि पीएम केयर के तहत दिए गए जिन वेंटिलेटर का इस्तमाल नहीं हो रहा है उसकी ऑडिट की जाएगी। एक साल से सवाल उठ रहा है। बात सिर्फ़ मशीन देने की नहीं है। इसे चलाने और चलाते रहने का ढांचा और बजट भी नहीं दिया होगा। पीएम केयर के तहत जो वेंटिलेटर दिए गए हैं वो कई जगहों पर घटिया होने के कारण नहीं चलाए जा रहे हैं। इसे लेकर एक साल से रिपोर्ट छप रही है।

उम्मीद करना बेकार है कि उसकी ईमानदारी से जाँच होगी। लोग ख़राब वेंटिलेटर के कारण भी मरते हैं। इस देश में किसी की जान की क़ीमत नहीं है। पोस्टर लगाने पर जेल होती है।”

रवीश कुमार के इस पोस्ट पर मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ लोग रवीश की बातों से सहमति जता रहे हैं तो वहीं कुछ लोग उन्हें ट्रोल भी कर रहे हैं। अभिनन्यु गुलाटी नाम के एक यूजर ने लिखा-  विदेशों में भी “टीका उत्सव” जो मनाना था। बिना उत्सव के हमारे प्रधानमंत्री जी रह नहीं सकते। उनका मन देश को हमेशा उत्सव के माहोल में रखने का होता है। अरे भाई New India के PM जो ठहरे। उत्सव बेशक मौत का हो उनके लिए वो भी चलेगा।

Gautam Bhattacharya ने लिखा-  लोगों तक सही जानकारी पहुंचाने के लिए आपको हमेशा धन्यबाद…रही बात अश्विनी चौबे जैसे राजनेता कि तो एक बात तो बिलकुल हमारे देश में तय है कि देश का दुर्भाग्य है यहां मंत्री पद पर वही रहते हैँ, जिनकी पार्टी पर पकड़ अच्छी होती है…कम से कम शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्रालय को expertise के हाथों सौपना चाहिए।

Anuj Budakoti नाम के एक यूजर ने लिखा-  हद हो गई आप लोगों की पहले कह रहे थे टीका की क्या विश्वसनीयता है कहां से किस लैब से इसको प्रमाणिकता मिली क्या इसने वो सारे चरण पूरे कर दिए आखिर इतनी जल्दबाजी क्यों क्या इससे मोदी अपना चेहरा चमकाना चाहते हैं यदि इससे कुछ हो गया तो इसका जवाबदार कौन होगा ऐसे कही अनगिनत सवाल उठाए और अब ये सब लोगों को दिमांगी तौर पर भटकाते रहो आप तो एक निष्पक्ष पत्रकार हो जो आपकी बातों में हां ना मिलाए वहा सही जो ना मिलाए वहा गोदी मिडिया है यदि गोदी मिडिया निष्पक्ष नहीं तो आप भी कहां निष्पक्ष हो आप भी एक एजेंडे के तहत चलते हो।

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