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‘तुम्हें जेल में डालकर पीटा क्यों नहीं जा रहा..’, डॉ. कफील खान का मुद्दा उठा ट्रोल हुए रवीश कुमार

Ravish Kumar ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा- डॉ कफ़ील ख़ान ने राजनीतिक भाषण ही तो दिया था। क्या वो इतना बड़ा गुनाह था कि एक डॉक्टर को जेल की सडांध में धकेल दिया जाए। क्या सिस्टम ऐसे होना चाहिए?

Author July 15, 2020 12:27 PM
Ravish Kumar का डॉ. कफील खान पर फेसबुक पोस्ट वायरल हो रहा है।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में भड़काऊ भाषण देने को लेकर 29 जनवरी 2020 को यूपी एसटीएफ ने डॉ. कफील खान को मुंबई से गिरफ्तार किया था। उनपर दो बार एनएसए लगाया जा चुका है। बुधवार 15 जुलाई को इलाहाबाद हाईकोर्ट में डॉ. कफील खान पर लगाए एनएसए पर सुनवाई होनी है। कफील खान की गिरफ्तारी पर कई बार सोशल मीडिया में बहस हो चुकी है। अब मैग्सेसे पुरस्कार विजेता वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने डॉ. कफील खान की गिरफ्तारी पर एक फेसबुक पोस्ट लिखा है। इस पोस्ट पर बहुत से यूजर्स रवीश कुमार को ट्रोल कर रहे हैं।

रवीश कुमार ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा- डॉ कफ़ील ख़ान ने राजनीतिक भाषण ही तो दिया था। क्या वो इतना बड़ा गुनाह था कि एक डॉक्टर को जेल की सडांध में धकेल दिया जाए। क्या सिस्टम ऐसे होना चाहिए? दो बार रासुका लगाई गई ताकि ज़मानत न मिले। क्या ये डॉक्टर क़ानून व्यवस्था के लिए इतना बड़ा ख़तरा हो सकता है? तो फिर क़ानून व्यवस्था को खुद पर रासुका लगा देना चाहिए।

रवीश कुमार ने आगे लिखा–  कहां ले जाएंगे इतना अपराध बोध। ग़लत को ग़लत तो बोलिए। आप फ़ैसला नहीं कर पा रहे हैं तो डॉ कफ़ील ख़ान पर कई रिपोर्ट छपी है। वही पढ़ लें। आख़िर किस बात की आप ख़ुद को चुप रहने की सज़ा दे रहे हैं। सिस्टम को इस तरह ध्वस्त करते चले जाने से आपको मिला क्या, इसी की सूची बना लीजिए।

रवीश कुमार के इस पोस्ट पर काफी लोग उनसे सहमति जताई तो बहुत से यूजर्स ऐसे भी रहे जो रवीश कुमार को ट्रोल करने लगे। ऐसे लोग लिखने रवीश कुमार को धमकी देते हुए लिखने लगे कि जब कफील जेल में सड़ रहा है तो सोचो तुम्हारे साथ कितना बुरा हो सकता है। वहीं कुछ दूसरे ट्रोल्स ने लिखा- सोचो कफील ने तो बस थोड़ा ही कहा था तुम तो दिन रात जहर उगलते रहते हो। कुछ अन्य ने लिखा कि मैं तो हैरान हूं कि तुम्हें जेल में ठूस कर पीटा क्यों नहीं जा रहा। देखें रवीश कुमार का पोस्ट और पढ़िए उसपर आए कमेंट्स: 

बता दें कि डॉ. कफील खान पर आईपीसी की धारा 153-ए के तहत शिकायत दर्ज की गई थी। आरोप लगा था कि, ‘डॉ. खान ने बिना नाम लिए कहा है कि ‘मोटाभाई’ सबको हिंदू या मुस्लिम बनना सिखा रहे हैं लेकिन इंसान बनना नहीं। उन्होंने आगे कहा कि जब से आरएसएस का अस्तित्व हुआ है, उन्हें संविधान में भरोसा नहीं रह गया। खान ने कहा कि CAA मुस्लिमों को सेकंड क्लास सिटिजन बनाता है और एनआरसी लागू होने के साथ ही लोगों को परेशान किया जाएगा।

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