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‘भारत माता की जय के पवित्र नारे को अर्णब गोस्वामी से बचाइये..’, NDTV के रवीश कुमार ने की लोगों से अपील, आ रहे ऐसे रिएक्शन्स

'Arnab Goswami जैसे लोग देशभक्ति की आड़ में केवल अपना हित देखते हैं, देशभक्ति का मुलम्मा चढ़ाकर वे अपने समर्थकों का जमावड़ा तैयार करने में भी सफल हो जाते हैं जो हर समय उनकी ढाल बन कर तैयार रहते हैं। जो ज्यादा ही भक्ति दिखाता है असल में उसकी नजर खोटी है।'

Ravish Kumar NDTV, Arnab Goswami RepublicRavish Kumar and Arnab Goswami (Photos: Social media & Indian Express)

‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) के पूर्व CEO पार्थो दासगुप्ता के साथ रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्णब गोस्वामी की करीब एक हजार पेज की वॉट्सऐप चैट्स लीक होने के बाद मामला सोशल मीडिया में छाया हुआ है। राजनीतिक गलियारों में भी इस मुद्दे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं।

वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने अर्ब गोस्वामी और पार्थो दासगुप्ता की लीक चैट के बाद कई फेसबुक पोस्ट लिखे हैं। अपने लेटेस्ट पोस्ट में रवीश कुमार ने लोगों से अपील की है कि भारत माता की जय के पवित्र नारे को अर्णब गोस्वामी से बचाइये। रवीश कुमार का यह फेसबुक पोस्ट वायरल हो रहा है। लोग इसपर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

दरअसल, अरनब की जिन चैट्स को मुंबई क्राइम ब्रांच ने चार्जशीट में शामिल किया है, उनमें दो साल पहले भारत की बालाकोट में की गई सैन्य कार्रवाई से भी जुड़ी हुई हैं, जिसकी जानकारी अरनब को पहले से थी। रवीश कुमार ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि भारत माता की जय पवित्र नारा है। इस नारे को बोलते हुए जवान सीने पर गोलियां खा लेते हैं। इस नारे में भारत का विराट सामर्थ्य समाहित है। जब कोई झूठ और कपट से भारत माता की जय बोलता है तो इस नारे की पवित्रता को भंग करता है।

रवीश कुमार ने आगे लिखा- ” फ़िल्मों में आपने देखा होगा। जब कोई डाकू टीका लगा कर जय मां भवानी या जय मां काली कहता है तो इससे वह संत नहीं हो जाता। वह डाकू ही रहता है। फ़िल्म का दर्शक जानता है कि जय मां भवानी डाकू अपने पाप को बचाने के लिए बोल रहा है। उसका पीछा करती पुलिस इसलिए घर नहीं लौट जाती है कि डाकू जय मां भवानी बोल रहा है। ललाट पर टीका लगाता है। और न ही मां भवानी भक्ती के बदले डाकू को अमरत्व देती हैं। उसी की हार होती है। जीत कर्तव्यपरायण पुलिस अफ़सर की होती है। अर्णब भारत माता की जय बोलें। किसी को मनाही नहीं है। जेल में भी पंद्रह अगस्त के कार्यक्रम होते हैं। गणतंत्र दिवस की परेड होती है। लेकिन वह यह न समझें कि भारत माता की जय बोल कर आरोपों से बच जायेंगे।

अर्णब गोस्वामी ने व्हाट्स एप चैट को लेकर एक बयान जारी किया। उसमें कहीं नहीं लिखा कि चैट फ़र्ज़ी है। बालाकोट हमले की जानकारी के मामले में वे पाकिस्तान को घुसा कर ढाल बना रहे हैं। क्या TRP मामले में भी पाकिस्तान है ? इस मामले में तो दूसरे चैनल भी अर्णब पर आरोप लगा रहे हैं। चैनलों की नियामक संस्था NBA ने भी कार्रवाई की बात की है। अब अगर ये ख़बर पाकिस्तान में छप जाए तो अर्णब ये डिबेट करेंगे कि पाकिस्तान को फ़ायदा हो रहा है? जिन दूसरे चैनलों ने अर्णब पर आरोप लगाया है वे भी तो उसी नेशनल सिलेबस के पास आउट हैं जिसके अर्णब हैं। मैं इस नेशनल सिलेबस को अब ‘मोदी सिलेबस’ कहता हूँ । इन चैनलों पर भी तो बिना बात के पाकिस्तान को घसीट कर डिबेट होता है और सवाल करने वालों को ललकारा जाता है ताकि मोदी जी को सियासी फ़ायदा हो। क्या अर्णब गोस्वामी इन चैनलों को भी कांग्रेस की तरह पाकिस्तान का एजेंट कहेंगे ?

अर्णब गोस्वामी के व्हाट्स एप चैट में ज़्यादा गंभीर मामला TRP को लेकर है। किस तरह से वे एक रेटिंग एजेंसी के भीतर घुसपैठ करते हैं। जो जानकारी गुप्त है उसे हासिल करते हैं। उस रेटिंग एजेंसी का CEO उनसे प्रधानमंत्री कार्यालय में मीडिया सलाहकार का पद दिलाने का कहता है। अर्णब उसे सूचना प्रसारण मंत्री से मिलाने की बात करते हैं। टेलीकॉम सेक्टर में सारी कंपनियों को बिज़नेस का एक समान अवसर मिले इसे देखने के लिए एक नियामक संस्था है TRAI, इसे लेकर भी दोनों बात कर रहे हैं। अर्णब और पार्थो कह रहे हैं कि TRAI मैनेज करना है। इसी सबको लेकर मुंबई पुलिस जांच कर रही है। लेकिन उसकी जांच कभी मंज़िल पर नहीं पहुंचेगी। क्योंकि इस चैट में TRP को लेकर जिस तरह के अनैतिक खेल की बात हो रही है उसमें तो कई सूचना प्रसारण मंत्री और प्रधानमंत्री का भी ज़िक्र आ रहा है। यही कारण है कि बाक़ी चैनल चुप हैं। क्योंकि बोलेंगे तो इस घोटाले में मोदी सरकार का नाम बार बार आएगा। और उनमें ऐसा करने की हिम्म्त नहीं है।

इसीलिए मैं कहता हूँ कि गोदी मीडिया के ज़रिए भारत के लोकतंत्र की हत्या की जा चुकी है और आप इस हत्या के मूक दर्शक हैं। गवाह हैं। फिर भी चुप हैं। आप भी अर्णब की तरह भारत माता की जय बोलने का नैतिक अधिकार खो चुके हैं। किसी नेता या एंकर की कपट पर पर्दा डालने के लिए भारत माता की जय मत बोलिए। सत्य को सामने लाने के लिए भारत माता की जय बोलिए।”

रवीश कुमार के इस फेसबुक पोस्ट पर मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। हालांकि ज्यादातर लोग रवीश कुमार की बातों से सहमति जताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कर रहे हैं। ऐसे यूजर्स लिख रहे हैं कि अर्नब जैसे लोग देशभक्ति की आड़ में केवल अपना हित देखते हैं,देशभक्ति का मुलम्मा चढ़ाकर वे अपने समर्थकों का जमावड़ा तैयार करने में भी सफल हो जाते हैं जो हर समय उनकी ढाल बन कर तैयार रहते हैं।जो ज्यादा ही भक्ति दिखाता है असल में उसकी नजर खोटी है।

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