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पीएम नरेंद्र मोदी को घेरने के चक्‍कर में शहला राशिद बोलीं- भारत में 30 राज्‍य, लोग बोले- JNU को भी गिन लिया क्‍या?

शहला ने अपने ट्वीट में भारत में '30 राज्‍य' बताने की गलती कर दी। इस गलती को ट्विटर यूजर्स ने पकड़ लिया और उन्‍हें जमकर ट्रोल किया। एक यूजर ने कहा, ''उसके हिसाब से जेएनयू एक राज्‍य ही है।'

जिग्‍नेश मेवानी के साथ एक कार्यक्रम में शहला राशिद। (Photo: Twitter/Shehla_Rashid)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर देश में लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने की पैरवी की है। उन्‍होंने कहा कि ऐसा करने से पैसे और समय दोनों की बचत होगी। समाचार चैनल ‘जी न्यूज’ को दिए साक्षात्कार में मोदी ने कहा कि त्यौहारों की तरह चुनावों की तिथियां भी तय होनी चाहिए ताकि नेता और नौकरशह पूरे साल चुनाव कराने और चुनाव प्रचार की प्रक्रिया में शामिल नहीं रहे। मोदी ने लोकसभा, विधानसभा और स्थायी निकायों के चुनावों के एक मतदाता सूची होने की भी पैरवी की। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि साथ-साथ चुनाव कराने का एजेंडा भाजपा अथवा मोदी से जुड़ा नहीं है, बल्कि इस पर हर किसी को मंथन करना चाहिए। इसी दौरान ट्विटर पर जेएनयू की पूर्व छात्रनेता शहला राशिद ने लिखा कि ‘प्रिय नरेंद्र मोदी जी, आप क्‍यों सोचते हैं चुनाव बर्बादी है? हम 1.3 बिलियन लोगों और 30 राज्‍यों का देश हैं। हमारे यहां सरकार के 3 स्‍तर हैं। क्‍या आप चुनाव को खत्‍म करना चाहते हैं?”

शहला ने अपने ट्वीट में ’30 राज्‍य’ बताने की गलती कर दी। इस गलती को ट्विटर यूजर्स ने पकड़ लिया और उन्‍हें जमकर ट्रोल किया। वगिशा ने लिखा, ”क्‍या आपने 30 राज्‍यों पर ध्‍यान दिया?” वहीं एक अन्‍य यूजर ने कहा, ”उसके हिसाब से जेएनयू एक राज्‍य ही है।” अनूप कुमार ने कहा, ”मैं मैडम से एकदम सहमत हूँ ,क्योंकि जब आसमानी किताब मैं प्रथवी गोल की जगह चपटी हो सकती है ,तो भारत मैं राज्य 29 की जगह 30 क्यों नहीं हो सकते। सत्यानाश कर दिया पीएचडी की डिग्री का।” कुछ यूजर्स ने इसी बहाने जेएनयू में अटेंडेंस अनिवार्य करने के फैसले को सही ठहरा दिया।

देखें लोगों ने कैसे किया ट्रोल: