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किस नेता को चुनाव लड़वाने के लिए नरेंद्र मोदी ने दान कर दिए थे मां के दिए पैसे? जानिये

सुधा यादव के पति सुखबीर सिंह यादव बीएसएफ में डिप्टी कमांडेंट थे और कारगिल युद्ध में देश के लिए शहीद हो गए थे। परिवार और बच्चों को संभालने की जिम्मेदारी को निभाने की वजह से सुधा राजनीति में नहीं आना चाहती थी

PM Narendra modi
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरल स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व की तो हर कोई तारीफ करता है। यह भी सब जानते हैं कि खास मौकों पर प्रधानमंत्री मोदी, अपनी मां से मिलने जाते हैं। जब भी नरेंद्र मोदी अपनी मां से मिलते हैं तो मां हीराबेन उन्हें कुछ पैसे जरूर देती हैं। ये सिलसिला सालों से चला आ रहा है। ऐसे में एक बार अपनी मां के हाथों मिले 11 रूपये को नरेंद्र मोदी ने एक महिला को चुनाव लड़ाने के लिए दान कर दिया था।

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Modistory.in पर अपलोड एक वीडियो में पूर्व सांसद सुधा यादव ने बताया कि “मेरे पति ने देश के लिए शहादत दे दी, उसके बाद बीजेपी के कई कार्यकर्ता मुझसे चुनाव लड़ने की अपील कर रहे थे लेकिन मैं हां नहीं बोल पा रही थी, क्योंकि राजनीति से मेरा दूर-दूर तक कोई लेना देना नहीं था। जब मैं नहीं मानीं तो उसमें से एक व्यक्ति ने, मुझे एक नंबर देते हुए कहा कि इस पर एक बार बात कर लेना।’ सुधा ने बताया कि जब मैंने फोन किया तो सामने से नरेंद्र मोदी बात कर रहे थे। उन्होंने मुझे समझाया और कहा कि आपके पति भी देश सेवा का कार्य कर रहे थे और अब आप घर से निकलिए चुनाव लड़िये। मैंने उनसे कहा कि मेरे पास पैसे भी नहीं है तो उन्होंने कहा कि आप बस चुनाव लड़िये, बाकी मुझ पर भरोसा रखिये।’

 सुधा यादव ने बताया ‘इसके बाद जब मेरे नाम का टिकट जारी हो गया तो मैं नरेंद्र मोदी से मिलने गई, उस वक्त वो प्रदेश के प्रभारी थे। शायद वो किसी सांसद का घर था जिसके एक कमरे में नीचे गद्दा बिछाकर, कई किताबों और एक टेलीफोन के साथ नरेंद्र मोदी बैठे थे। उन्होंने मुझे बातें की। इसके बाद पहली मीटिंग गुडगांव में रखी गई थी। जहां पर पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।’ सुधा यादव ने बताया कि इसके बाद मोदी जी ने जो किया, उससे मुझे इमोशनल लगाव हो गया।

नरेंद्र मोदी ने कहा कि ‘सुधा यादव जी चुनाव लड़ रही हैं और उनके पास चुनाव लड़ने के लिए कुछ नहीं है। मैं काफी वक्त बाद जब भी अपनी मां से मिलने जाता हूं तो कुछ पैसे देती हैं। मेरा सारा खर्च संगठन उठाता है। इसके बाद उन्होंने एक चद्दर बिछाई और कलश रखकर कहा, पिछली बार मुझे मां से 11 रूपये मिले थे, मैं इसे सुधा जी को चुनाव लड़ने के लिए योगदान करना चाहता हूं और इस सभा में ये सभी लोगों से अपील है कि घर पहुंचने के लिए पैसे बचाकर बाकी सब पैसे इस यज्ञ में आहुति दे दें।’

सुधा यादव ने बताया कि इसके बाद, मुझे चुनाव लड़ाने के लिए करीब साढ़े सात लाख रूपये मिले थे। इसके बाद मेरे समर्थन में अटल जी सभा की हुई थी। सभा के बाद अटल जी ने भी मुझसे कहा था कि मैं चुनाव जीत रही हूं और नरेंद्र मोदी जी ने भी कहा था कि सुधा जी आप चुनाव जीत रही हैं, बस थोड़ा धैर्य से प्रचार प्रसार कीजिये।’ सुधा यादव ने बताया कि उन्होंने चुनाव में जीत हासिल की थी।

बता दें कि सुधा यादव के पति सुखबीर सिंह यादव बीएसएफ में डिप्टी कमांडेंट थे और कारगिल युद्ध में देश के लिए शहीद हो गए थे। परिवार और बच्चों को संभालने की जिम्मेदारी को निभाने की वजह से सुधा राजनीति में नहीं आना चाहती थी लेकिन नरेंद्र मोदी से टेलीफोन पर मात्र बात करने की वजह से उन्होंने चुनाव लड़ने पर हामी भर दी थी। सुधा यादव साल 1999 से लेकर साल 2004 तक लोकसभा सांसद रह चुकी हैं।  

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