ताज़ा खबर
 

देवबंद के मौलाना ने ठोका बद्रीनाथ धाम पर मुसलमानों का दावा, बाबा रामदेव बोले- इस्‍लाम को बदनाम कर रहा है

मदरसा दारुल उलूम निश्वाह के मौलाना अब्दुल लतीफ कासमी ने दावा किया है कि सैकड़ों साल पहले बद्रीनाथ धाम बदरुद्दीन शाह या बद्री शाह के नाम से जाना जाता था।

Author Updated: November 17, 2017 3:28 PM
हिन्दुओं के पवित्रतम तीर्थस्थल में शुमार उत्तराखंड स्थित बद्रीनाथ धाम में कपाट खोलने का अनुष्ठान (Express File Photo by Virender Singh Negi)

हिन्दू समुदाय के पवित्रतम तीर्थस्थलों में शुमार बद्रीनाथ धाम पर एक मौलाना ने दावा किया है। मौलाना का कहना है कि उत्तराखंड में स्थित बद्रीनाथ धाम सदियों पहले मुसलमानों का तीर्थस्थल था। मदरसा दारुल उलूम निश्वाह के मौलाना अब्दुल लतीफ कासमी ने दावा किया है कि सैकड़ों साल पहले बद्रीनाथ धाम बदरुद्दीन शाह या बद्री शाह के नाम से जाना जाता था। मौलाना अब्दुल लतीफ कासमी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर मांग की है कि इस धार्मिक स्थल को हिन्दुओं से लेकर मुसलमानों को सौंपा जाए। मौलाना ने कहा कि ये तीर्थस्थल हिन्दुओं का नहीं हो सकता, मौलाना के मुताबिक बद्री नाम में बाद में नाथ लगाया गया, लेकिन इससे वो हिन्दू नहीं हो जाते। मदरसा दारुल उलूम निश्वाह सहारनपुर में काम करने वाली संस्था है। मुफ्ती अब्दुल लतीफ इस संस्था के वीसी हैं। अब्दुल लतीफ के इस बयान की हिन्दुओं और मुसलमान दोनों ने ही आलोचना की है, और कहा है कि वे बकवास बयान है।

बद्रीनाथ में भी इस बयान की आलोचना हुई है। बद्रीनाथ के पुजारियों और वहां के स्थानीय लोगों ने इस मौलाना को पागल करार दिया है। बद्रीनाथ के एक मौलाना ने कहा कि मौलाना अब्दुल लतीफ कासमी को पता होना चाहिए कि बद्रीनाथ की स्थापना आदि गुरु शंकराचार्य ने तब की थी जब इस्लाम वजूद में भी नहीं था। योग गुरु बाबा रामदेव ने भी मौलाना अब्दुल के इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बाबा रामदेव ने कहा कि ऐसे शख्स इस्लाम को बदनाम कर रहे हैं। बाबा रामदेव ने ट्वीट किया, ‘ऐसे मौलाना बद्रीनाथ धाम के बारे में झूठ फैलाकर इस्लाम को बदनाम कर रहे हैं, बद्रीनाथ धाम की स्थापना इस्लाम के आने से सैकड़ों साल पहले हुई थी।’

बता दें कि बद्रीनाथ धाम भगवान विष्णु को समर्पित हिन्दुओं की आस्था का अहम केन्द्र हैं। इसे हिन्दुओं के चार धामों में से एक माना जाता है। हिन्दू इस स्थान का दर्शन करना पुण्य का काम समझते हैं। ठंड के दिनों में प्रचंड शीत की वजह से बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद कर दिये जाते हैं। माना जाता है कि ये वक्त भगवान के आराम का समय है। मौसम ठीक होने पर इसे दोबारा दर्शन के लिए खोला जाता है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 रवीश कुमार ने आंकड़े देकर पूछा- इतने व‍िधायकों के ट‍िकट क्‍यों काटती है भाजपा? देख‍िए, म‍िले कैसे-कैसे जवाब
2 बीच डिबेट से भागे मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य, एंकर ने कहा- भगवान आपका भला करे
3 कॉमेडियन तन्मय भट्ट ने किया ट्वीट- कमल हासन को और मारो
जस्‍ट नाउ
X