डिंपल यादव की देवरानी ने चाचा शिवपाल से सीखी है राजनीति की बारीकियां, ससुर मुलायम को मानती हैं गुरु

अपर्णा यादव ने कहा था कि हमारे चाचा जी का स्वभाव ऐसा है कि जिनसे मैंने राजनीति की बहुत सारी बारीकियां सीखी हैं।

Uttar Pradesh, Yogi Adityanath
अपर्णा यादव ने शिवापाल से सीखी है राजनीति, ससुर मुलायम को मानती हैं गुरु (फोटो सोर्स – पीटीआई)

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अपनी पार्टी को तैयार करने में लगे हुए हैं। उन्हें विश्वास है कि आने वाले चुनाव में उनकी पार्टी केवल जीत ही नहीं दर्ज करेगी बल्कि 400 सीटें जीतेगी। गठबंधन को लेकर अखिलेश यादव बार-बार कई मंचों के जरिए यही कह रहे हैं कि वाह छोटे दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे। सपा पार्टी से अलग होकर अपनी नई पार्टी बनाने वाले उनके चाचा शिवपाल यादव भी चुनावी रणनीति को साधने में लगे हुए हैं।

बता दें कि 2017 विधानसभा चुनाव के समय से ही मुलायम सिंह यादव के परिवार में सियासी जंग शुरू हो गई थी। जिसके बाद मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई शिवपाल यादव ने अपनी खुद की पार्टी बना ली थी। शिवपाल यादव ने 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा का साथ नहीं दिया था। वहीं मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव को भी लोकसभा सीट से लड़ने के लिए टिकट नहीं मिला था।

2019 लोकसभा चुनाव के पहले ही अपर्णा यादव एक न्यूज़ चैनल के कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के नेता के तौर पर अपनी बात रखने के लिए उपस्थित थी। उनसे एंकर ने सवाल पूछा था कि अखिलेश यादव कह रहे हैं कि आप चुनाव नहीं लड़ रही हैं? क्या आप चुनाव नहीं लड़ रही हैं? इसका जवाब देते हुए अपर्णा यादव ने कहा था कि अब उन्होंने जैसा कह दिया है वैसा ही होगा।

एंकर ने उनसे एक दूसरा सवाल करते हुए पूछा था कि आपकी कोई इच्छा नहीं? इसका जवाब देते हुए अपर्णा यादव ने कहा था कि हमारी इच्छा से ज्यादा यह महत्वपूर्ण है कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष की इच्छा क्या है। अगर उनका मन नहीं है तो अपना चुनाव नहीं लड़ेगी। जवाब पर एंकर ने पूछा कि आप अभी समाजवादी पार्टी में ही है? इस सवाल का जवाब देते हुए अपर्णा ने हल्की सी मुस्कुराहट के साथ कहा था कि बिल्कुल जहां नेताजी है वहां अपर्णा यादव है। पार्टी के हर फैसले पर अपन की हां रहेगी।

अपर्णा के जवाब पर एंकर रुबिका लियाकत ने पूछा था कि कौन सी पार्टी चाचा वाली या भैया वाली पार्टी? इस सवाल का जवाब बेहद गंभीरता से देते हुए अपर्णा यादव ने कहा था कि हमारे चाचा जी का स्वभाव ऐसा है कि जिनसे मैंने राजनीति की बहुत सारी बारीकियां सीखी हैं। उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा था कि अगर नेताजी के साथ किसी ने राजनीति में कंधे से कंधा मिलाकर काम किया है वह चाचा जी ही है इसमें कोई दो राय नहीं है। उन्होंने इसी इंटरव्यू के दौरान कहा था कि हमेशा अपने राजनीतिक गुरु की सुननी चाहिए। मेरे राजनीतिक गुरु मुलायम सिंह यादव ही हैं।