महिलाओं का राजनीति में आना है मुश्किल, जब अपर्णा यादव ने कही थी यह बात

अपर्णा ने बताया था कि जब समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का उदय हो रहा था। उस समय वो लखनऊ के लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ रही थी।

Uttar Pradesh, Yogi Adityanath
अपर्णा यादव (फोटो सोर्स – पीटीआई)

मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव महिलाओं का कहना है कि महिलाओं को हर क्षेत्र में 33 प्रतिशत का आरक्षण दिया जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी द्वारा उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 40 प्रतिशत महिलाओं को टिकट दिए जाने पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि सभी पार्टियों को ऐसा करना चाहिए।

द क्विंट को दिए इंटरव्यू में अपर्णा ने बताया था कि उन्होंने राजनीति विज्ञान की पढ़ाई की थी। लेकिन उन्होंने कभी भी राजनीति में आने का विचार नहीं बनाया था। उनकी माता ने इतिहास में मास्टर्स किया था जिस वजह से उनकी दिलचस्पी भी इसी विषय पर थी।

अपर्णा ने बताया था कि जब समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का उदय हो रहा था। उस समय वो लखनऊ के लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ रही थी। वहां होने वाली राजनीतिक रैलियों को देखकर उनके भीतर जिज्ञासा बढ़ती थी। बकौल अपर्णा, वो यह जानना चाहती थीं कि इस तरह के धरना प्रदर्शन क्यों होते हैं, वगैरह।

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जब उनसे पूछा गया था कि शादी के पहले तक उन्हें कौन सा राजनीतिक दल ज्यादा पसंद था तो, उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी समझ नहीं थी। लेकिन जब वो कक्षा 11 में थी तो तत्कालीन केंद्रीय मंत्री अर्जुन सिंह द्वारा एंटी रिजर्वेशन बिल प्रस्तुत किया गया था, जिसके खिलाफ अपर्णा ने भी आवाज उठाई थी।
अपर्णा का मानना है कि महिलाओं का राजनीति में आना सरल नहीं है। आज भी हमारा समाज महिलाओं को पॉलिसी मेकर के रूप में स्वीकार नहीं करना चाहता है। उन्होंने कहा था, यह सब बातें इस समाज में प्रकृति के विपरीत हो जाती हैं। जब कोई महिला अपनी बात रखती है तो उसके गलत मतलब निकाले जाते हैं।

गौरतलब है कि लंबे समय से राजनीतिक पार्टियां यह वादा कर रही हैं कि महिलाओं को हर क्षेत्र में 33 फीसद आरक्षण दिया जाएगा। 1974 में पहली बार महिला आरक्षण का मुद्दा संसद में उठाया गया था।

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