पालतू डॉगी और मालिक के बीच भावनात्मक रिश्ते की एक भावुक करने वाली कहानी सोशल मीडिया पर छाई हुई है। कहते हैं ना कि कुछ रिश्ते दिल से जुड़े होते हैं। इस सच्ची घटना के बारे में जानकर हर कोई सोचने पर मजबूर हो जा रहा है। असल में बैतूल के सिविल लाइंस निवासी 57 साल के प्रदीप जैन का भोपाल में इलाज चल रहा था, एम्स में उनका निधन हो गया। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को घर लाया गया। हमेशा की तरह पालतू कुत्ता डुग्गू उनका घर की गेट पर इंतजार कर रहा था फर्क इतना था कि इस बार प्रदीप को मृत अवस्था में आखिरी बार लाया गया था।
मालिक का शव देखने के बाद डुग्गु बेचैन हो उठा, उसकी हालत को देखते हुए उसे कमरे में बंद कर दिया गया ताकि वह शांत हो जाए मगर वह रात भर भोंकता रहा रोता रहा और बेचैन रहा। जैसे उसे सब समझ आ गया हो, उसने कुछ नहीं खाया। वह उस कमरे की तरफ देखता रहा जहां प्रदीप का पार्थिव शरीर रखा था। वह अपने मालिक की आवाज सुनना चाहता था उनके साथ खेलना चाहता था। इसके बाद जब मालिक की अर्थी उठी तो उसे लाया गया। उनकी अंतिम यात्रा में वह कुछ देऱ साथ चला फिर रास्ते में ही उसकी सांसें थम गईं।
उसने भी अपना दम तोड़ दिया, यह देखकर हर कोई भावुक हो गए और लोगों की आंखों में आंसू आ गए। परिवार के अनुसार, डुग्गु 15 सालों से प्रदीप के साथ रह रहा था। वे डुग्गु को बेटे की तरह प्यार करते थे।
आखिरी बार मालिक के पास पहुंचा
परिवार के अनुसार, अंतिम यात्रा से पहले डुग्गू को अंतिम दर्शन के लिए उसके मालिक के पास ले जाया गया। वह काफी दुखी लग रहा था, वह कुछ देर उनके आस-पास घूमा और फिर शांत हो गया। वह उस समय कमजोर और उदास लग रहा था। हालांकि वह वहां से हटने को तैयार नहीं हो रहा था। अंतिम यात्रा में डुग्गु पार्थिव शरीर के साथ चल रहा था हालांकि कुछ कदम चलने के बाद ही वह रास्ते में गिर पड़ा, इसके बाद उसने दम तोड़ दिया। दोनों की साथ में साथ ही अंतिम यात्रा निकली फिर परिवार ने उसका भी मालिक के साथ ही अंतिम संस्कार किया। परिवार ने डुग्गू को सम्मानपूर्वक मालिक की चिता के पास ही दफनाया, लोग यह मंजर देख रो पड़े।
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