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शिवराज चौहान को बनाया अंगद और कमलनाथ को रावण, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रामायण के अंगद की भूमिका में दिखाई दे रहे हैं तो कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को रावण दिखाया गया है। यह वीडियो रामानंद सागर के टीवी धारावाहिक रामायण के एक छोटे से हिस्से को एडिट कर बनाया गया है...

वायरल वीडियो से लिया गया स्क्रीनशॉट।

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रामायण के अंगद की भूमिका में दिखाई दे रहे हैं तो कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को रावण दिखाया गया है। यह वीडियो रामानंद सागर के टीवी धारावाहिक रामायण के एक छोटे से हिस्से को एडिट कर बनाया गया है, जिसमें शिवराज और कमलनाथ की तस्वीरों को मुखौटों के रूप में इस्तेमाल किया गया है। वीडियो में शिवराज पैर जमाकर खड़े दिखाई देते हैं और कमलनाथ समेत कांग्रेस के कई नेता उनका पैर नहीं हिला पाते हैं। वीडियो में ज्योतिरादित्य सिंधिया, अरुण यादव और जीतू पटवारी आदि नेता रावण के दरबारी के तौर पर दिखाए गए हैं। यह वीडियो भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के भोपाल के उस दौरे के बाद आया है जिसमें उन्होंने राज्य में शिवराज सरकार की तारीफ जमे हुए अंगद के पैर से की थी। लेकिन बीजेपी ने इस वायरल वीडियो की जिम्मेदारी नहीं ली है। बता दें कि कमलनाथ ने एक प्रेस कांफ्रेस में शिवराज चौहान को अपना मित्र बताते हुए उनके खिलाफ विवादित बयान दे दिया था।

कमलनाथ ने पत्रकारों के सामने कहा था- ‘शिवराज सिंह चौहान मेरे मित्र हैं, लेकिन कुछ मित्र लायक होते हैं तो कुछ नालायक।’ लेकिन इधर से सीएम शिवराज ने भी जवाबी तीर छोड़ा। उन्होंने शायराना अंदाज में ट्वीट मे लिखा- ”हाथों की रेखाएं हमारी भी बहुत खास हैं…तभी तो आप जैसा दोस्त हमारे पास है…!! जो सबसे हमेशा कहते फिरते हैं, बस “कमल” ही लायक है… हम सब भी आपकी इज्जत करते हैं, और जोर-शोर से दोहराते हैं कि कमल का फूल ही सबसे लायक है, भारतीय जनता ही हमारी नायक है…!!”

मध्य प्रदेश बीजेपी के प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने वायरल वीडियो के बारे में कमलनाथ के विवादित बयान को याद दिलाते हुए मीडिया से कहा कि शिवराज अंगद के पांव की तरह जमे हुए हैं और लगातार राज्य में जनता की सेवा कर रहे हैं। ऐसे में कमलनाथ उनका अपमान ‘नालायक’ जैसे शब्द बोलकर कर रहे हैं। रावण की तरह सामंतवादी अहंकार मध्य प्रदेश में इन राजा महाराजा और उद्योगपतियों का भी दिखाई दे रहा है, इसी के फलस्वरूप यह दलित आदिवासी और पिछड़ा वर्ग के लोगों की अभिव्यक्ति है। वहीं प्रदेश कांग्रेस की तरफ से वीडियो को लेकर इसे पवित्र ग्रंथ रामायण, भगवान राम और हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं का अपमान बताया गया।

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