moulana rashidi used abusing language against rss supportive muslim - Jansatta
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वंदे मातरम: RSS समर्थक मुसलमान को मौलाना ने कहा- दलाल, एंकर ने डिबेट से भगाया

मौलना राशिदी ने चर्चा में बताया कि भारत में इस्लाम हिंदू धर्म से भी पुराना है। हालांकि रोहित सरदाना ने उनकी इस बात को तत्काल खारिज कर दिया।

Author July 26, 2017 6:48 AM
बहस में शामिल पैनल ।

वंदे मातरम एक बार फिर सुर्खियों में है। मद्रास उच्च न्यायालय ने समूचे तमिलनाडु के स्कूलों में हफ्ते में कम से कम दो बार राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम गाना आज अनिवार्य कर दिया है। इसके बाद इस मुद्दे पर एक बार फिर बहस शुरू हो गई। एक टीवी डिबेट में शामिल मौलाना साजिद राशिदी की बात पर एंकर रोहित सरदाना काफी नाराज हो गए।। संघ समर्थित संगठन मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के सदस्य डॉ गुलरेज शेख से मौलना की तनातनी हो गई। डॉ शेख की बात पर मौलाना इस कदर खफा हुए कि उन्होंने उन्हें दलाल तक कह दिया। उनके इतने कहते ही पैनल में मौजूद दूसरे लोग और एंकर रोहित सरदाना भड़क गए। रोहित ने मौलाना से माफी मांगने ये तत्काल बहस छोड़ने का फरमान सुना दिया। मौलना को काफी देर बहस से बाहर रखने के बाद अपनी बात वापस लेने और अपने शब्दों पर ध्यान देने का बात कहने पर उन्हें वापस जोड़ लिया गया इसके साथ हालांकि बाद में उनकी राम मंदिर पर टिप्पणी के बाद फिर बहस गर्मा गई। इसके साथ ही मौलना ने ये भी कह दिया कि भारत में इस्लाम हिंदू धर्म से भी पुराना है। उनकी ये बात सुनकर एंकर रोहित सरदाना ने कहा कि अज्ञानता का प्रदर्शन ना करें।

इससे पहलेअपने फैसले में कोर्ट ने कहा है कि किसी कार्यक्रम में अगर कसी व्यक्ति या संगठन को गीत गाने या बजाने में दिक्कत है तो उन्हें इसे गाने के लिए बाध्य या मजबूर नहीं किया जाएगा बशर्ते उनके पास ऐसा करने का वैध कारण हो। न्यायाधीश ने कहा, ‘‘ इस देश के युवा कल का भविष्य हैं और अदालत उम्मीद करती है और विश्वास करती है कि इस आदेश को सही भावना में लिया जाएगा और इस महान देश के नागरिक इसे शब्दश: लागू भी करेंगे।’’ मामला के वीरमाणि की याचिका से संबंधित है जो बीटी सहायक पद की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने में विफल रहे थे क्योंकि उन्होंने जवाब दिया था कि गीत बंगाली में लिखा गया है। वंदे मातरम को लेकर बहस पुरानी है हाल फिलहाल में इसके खत्म होने के आसार नहीं दिख रहे हैं।

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