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स्टूडियो में मौलाना ने बीजेपी प्रवक्ता को दी राष्ट्रगान गाने की चुनौती, सुनकर कहा- टेस्ट में हो गए पास

टीवी स्टूडियो में मौलाना को छोड़कर एंकर और पैनल में मौजूद दूसरे लोगों ने खड़े होकर राष्ट्रगान गाया।
राष्ट्रगान पर बहस करते मौलाना और दूसरी प्रतिभागी।

देश में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत लगातार चर्चा में बने हुए हैं। राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को गाना या गाते समय खड़े होने को देशभक्ति से जोड़कर देखना चाहिए या नहीं देखना चाहिए ये देश में विमर्श का विषय बना हुआ है। इसी तर्ज पर एक टीवी चैनल पर एक मौलाना ने बीजेपी प्रवक्ता को राष्ट्रगान गाकर दिखाने की चुनौती दे दी। उत्तर प्रदेश बीजेपी प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी को जब मौलाना राशिदी ने जन गण मन गाकर दिखाइये कहा तो वो अपनी जगह पर खड़े हो गए। इसके बाद मौलाना राशिदी ने उन पर राष्ट्रगान याद नहीं है का आरोप लगा दिया। थोड़ी देर में ही टीवी स्टूडियो में राष्ट्रगान शुरू हो गया।

पैनल में मौजूद सभी शख्स और एंकर अपनी जगह पर खड़े होकर राष्ट्रगान गाने लगे। हालांकि राष्ट्रगान के दौरान मौलाना राशिदी ने ना तो राष्ट्रगान गाया ना उसपर खड़े हुए। इसके बाद मौलाना राशिदी शलभ मणि से कहते हैं आप टेस्ट में पास हो गए। लेकिन मौलाना के राष्ट्रगान के दौरान खड़े ना होने पर बीजेपी प्रवक्ता बहस छोड़कर चले जाते हैं। दरअसल कुछ दिन पहले एक चैलन में राष्ट्रगीत पर बहस के दौरान बीजेपी प्रवक्ता राष्ट्रगीत वंदे मातरम नहीं गा पाए थे। मौलाना राशिदी यहीं दांव बीजेपी प्रवक्ता पर चलने की कोशिश कर रहे थे लेकिन सफल नहीं हो पाए।

इससे अलग टाइम्स लिट फेस्ट में राष्ट्रवाद के मुद्दे पर चर्चा के दौरान आॅल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी, जदयू नेता पवन वर्मा, कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी, पूर्व सॉलिसिटर जनरल गोपाल सुब्रह्मण्यम और राज्यसभा सदस्य स्वप्न दासगुप्ता ने अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि थिएटरों में फिल्म शुरू होने से पहले राष्ट्रगान बजने पर खड़ा नहीं होना किसी व्यक्ति के राष्ट्रवाद को नहीं दर्शाता है।  दासगुप्ता ने कहा कि किसी व्यक्ति को ‘‘राष्ट्र गान या गीत की उपेक्षा ना करने’’ का ‘‘सामान्य रवैया’’ रखना चाहिए लेकिन राष्ट्रगान बजने के समय खड़े होने के मुद्दे पर आवश्यकता से अधिक ध्यान नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘समस्या तब पैदा होती है जब आप राष्ट्रगान के लिए खड़े होने पर आवश्यकता से अधिक ध्यान देते हैं।’’ ंिसघवी का मानना है कि राष्ट्रगान को निश्चित तौर पर गाने के रूप में थोपा नहीं जाना चाहिए।

ऐसी ही राय रखते हुए ओवैसी ने कहा कि वह राष्ट्रगान या राष्ट्रगीत के खिलाफ नहीं है लेकिन ‘‘मैं इस बात के खिलाफ हूं कि आप बताएं कि यह मेरे राष्ट्रवाद की परीक्षा है। मैं इसे स्वीकार नहीं कर रहा हूं। आपको मेरा राष्ट्रवाद या मेरी निष्ठा की परीक्षा लेने का कोई अधिकार नहीं है।’’ सभी नेताओं ने यहां टाइम्स लिट फेस्ट में राष्ट्रवाद के मुद्दे पर चर्चा के दौरान यह टिप्पणियां की।

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