कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन 20 जुलाई 2026 सोमवार को उस वक्त हिंसक हो गया जब प्रदर्शनकारी और सुरक्षाबल आमने-सामने आ गए। सीजेपी ने संसद मार्च का आह्वान किया था। इस मार्च में शामिल होने के लिए देशभर से हजारों की संख्या में स्टूडेंट को जंतर-मंतर पहुंचना था, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के सभी मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया था। पूरे इलाके में इंटरनेट सेवा भी बंद थी। कई स्टूडेंट पैदल चलकर जंतर-मंतर तक पहुंच रहे थे, ऐसे में एक ऑटो ड्राइवर ने सामने आया और छात्रों को फ्री सेवा दी।

ऑटो ड्राइवर ने छात्रों को फ्री में छोड़ा जंतर-मंतर

एक ऑटो ड्राइवर ने प्रदर्शनकारियों को उनके डेस्टिनेशन पर छोड़ने का काम किया। हैरानी वाली बात यह है कि इसके लिए इस ऑटो ड्राइवर ने किसी से पैसे भी नहीं लिए। इस ऑटो ड्राइवर ने अपनी इस फ्री राइड स्कीम को देश के युवाओं के लिए एक छोटा सा योगदान बताया। इस ऑटो ड्राइवर की स्टोरी को इंस्टाग्राम पर ऐश्वर्या नाम की यूजर ने शेयर किया है।

ऑटो ड्राइवर ने स्टूडेंट्स से नहीं लिए पैसे

यूजर ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा है, “20 जुलाई 2026 को.. दिल्ली के अधिकतर मेट्रो स्टेशन बंद थे, हर जगह पुलिस बैरिकेड्स थे, कोई बस नहीं थी, कोई नेटवर्क नहीं था और कोई ऑनलाइन कैब नहीं थी। हजारों लोगों को जंतर-मंतर पहुंचने के लिए लगभग एक घंटे पैदल चलना पड़ा। तभी मिस्टर राकेश कुमार यादव ने हमें बुलाया और प्रोटेस्ट साइट तक छोड़ने का ऑफर दिया। जब हमने उन्हें पेमेंट करने की कोशिश की, तो उन्होंने पैसे लेने से इनकार कर दिया।”

‘आप हमारे बच्चों के लिए संघर्ष कर रहे हैं’

यूजर ने बताया कि राकेश कुमार यादव ने पैसे नहीं लेने की वजह भी बताई। उन्होंने कहा कि यह देश के लिए और युवाओं के लिए मेरा छोटा सा योगदान है। ऐश्वर्या ने अपनी पोस्ट के साथ राकेश कुमार का एक वीडियो भी पोस्ट किया है जिसमें उन्हें ये कहते हुए सुना जा सकता है कि कल को मेरा बच्चा भी बड़ा होगा तो मैं नहीं चाहता कि उसे ये सब झेलना पड़े, आप लोग हमारे बच्चों के लिए संघर्ष कर रहे हो। राकेश कुमार ने बताया कि वह सुबह से ही बच्चों को ऐसे जंतर-मंतर लेकर जा रहे हैं।

इंस्टा यूजर ऐश्वर्या ने आगे कहा है, “इस तरह के अच्छे काम इंसानियत में भरोसा वापस लाते हैं। उनके जैसे लोग हमें याद दिलाते हैं कि बदलाव सिर्फ़ विरोध करने वालों से नहीं, बल्कि चुपचाप उनके साथ खड़े रहने वालों से भी आता है।” उन्होंने ऑटो ड्राइवर के लिए एक मैसेज के साथ पोस्ट खत्म की। “आपके जज्बे को सलाम, राकेश जी। आपके बिना किसी स्वार्थ के काम ने हमें आगे बढ़ते रहने की हिम्मत दी।”

लोगों ने दिए ऐसे रिएक्शन

राकेश कुमार की इस वायरल वीडियो पर लोगों ने भी रिएक्शन दिए हैं। लोग उनकी तारीफ कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा है कि आपके बच्चे और आपका परिवार आपके लिए हमेशा गौरव महसूस करेगा, आप रियल लाइफ हीरो हैं। एक और अन्य यूजर ने लिखा है, “असली लक्ष्य, हम अपने देश में पढ़ा-लिखा और सभ्य व्यवहार चाहते हैं।

ऑटो में बैठे एक आदमी ने बताया कि हम अभी ऑटो में हैं, जंतर-मंतर के आसपास वाले सभी मेट्रो स्टेशन बंद हैं और हमें जंतर-मंतर पहुंचने के लिए लगभग 5-6 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा, गर्मी थी और हम लगभग 1-2 किलोमीटर में काफी थक गए। तभी अचानक हमने किसी को कहते सुना ‘बच्चों इधर आओ, क्या तुम जंतर-मंतर जा रहे हो?’, हम खुशी-खुशी ऑटो की तरफ भागे और मन ही मन सोच रहा था कि आज वो हमसे बहुत सारे पैसे जरूर मांगेगा, लेकिन अचानक उसने कहा “आज के लिए कोई चार्ज नहीं, मेरी तरफ से थोड़ा सा योगदान” राकेश कुमार सुबह से 100-150 लोगों को ऐसे जंतर मंतर छोड़ चुके थे।

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नॉर्दर्न रेलवे ने एक बयान में कहा कि यह वायरल वीडियो एक पुराना है और यह भी बताया कि फुटेज में दिख रही ट्रेन हाइड्रोजन ट्रेन नहीं है। रेलवे ज़ोन के मुताबिक, वीडियो में दिख रही ट्रेन WAG-12 लोकोमोटिव से चलती है। और अधिक पढ़ें-