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फ‍िरकापरस्‍ती और बीजेपी-आरएसएस को हराने के ल‍िए मौलाना ने सुझाया यह रास्‍ता, कहा- नहीं समझोगे तो बर्बाद हो जाओगे

कार्टून पर बात करते हुए मौलाना कहते हैं, 'जो लोग कार्टून के ऊपर मुसलमानों को परेशान कर रहे हैं, जान लीजिए आप इसपर जितनी प्रतिक्रिया देंगे ये उतना ज्यादा बढ़ेगी।

वीडियो में मौलाना कह रहे हैं कि 26 जनवरी और 15 अगस्त पर लोगों को बुलाइए, चाहे वो हिंदू हो या किसी और धर्म के, बताइए कि आप किस इस्लाम और हदीस के पैगाम को आगे बढ़ा रहे हैं। (फोटो सोर्स यूट्यूब)

जमियत उलमा-ए-हिन्द के अध्यक्ष मौलाना सय्यद अरशद मदनी से जुड़ा एक वीडियो यूट्यूब पर वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे वीडियो में मौलाना कह रहे हैं कि हमने मुसलमानों की फिरकापरस्ती (सांप्रदायियकता) का विरोध किया, हम बीजेपी और आरएसएस की फिरकापरस्ती का भी मुकाबला करेंगे। वीडियो में मौलाना को सुनने के लिए हजारों लोग नजर आ रहे हैं जोकि फिरकापरस्ती मुर्दाबाद के नारे लगा रहे हैं। मौलाना मदनी कह रहे हैं, ‘वो लोग दिलों को तोड़ते हैं लेकिन आपको दिलों को जोड़ने का काम करना होगा। वो नफरत पैदा करते हैं आपको नफरत की जगह मोहब्बत पैदा करनी होगी। 26 जनवरी और 15 अगस्त पर लोगों को बुलाइए, चाहे वो हिंदू हो या किसी और धर्म के, बताइए कि आप किस इस्लाम और हदीस के पैगाम को आगे बढ़ा रहे हैं। आप उन्हें दिखाइए कि आप मदरसों में क्या पढ़ाते हैं। अमेरिका से लेकर ऑस्ट्रेलिया में इस्लाम के खिलाफ गलत बातें फैलाई जा रही है। हमारे बारे में कहा जाता रहा है कि हमारे यहां हिंदुओं को मारने की बात सिखाई जाती है लेकिन ये बिल्कुल गलत है। आप गैर धर्मों के लोगों के सुख-दुख में शरीक होइए। उनके शादी-ब्याह में शामिल होइए और उन्हें अपने यहां बुलाइए। आप गैर धर्म के लोगों के सुख दुख में शरीक हुइए और उन्हें अपने सुख दुख में शरीक कीजिए। लेकिन मुसलमान ये सब नहीं कर रहा है। आज इसी का परिणाम है कि देश आग के ढेर पर खड़ा है। अगर आप ऐसा नहीं करोगे तो दुनियाभर में फिरकापरस्त लोग आपको मिटाने में लग जाएगा।’

मौलाना आगे कहते हैं कि आप ये सोचकर किसी को कुछ भी कह दे कि आपको बोलने की आजादी है ये बिल्कुल गलत हैं। फ्रांस में जो कुछ हुआ हम उसका भी विरोध करते हैं। बाबरी मस्जिद की शहादत सबसे पहले करीब 65 साल पहले की गई। जमियत साल 1951 में सबसे पहले अदालत में गई। हम इसे हिंदू-मुस्लिम के बीच में नहीं रखा जिससे देशभर में दंगे में हो जाए। क्योंकि हमें यकीन है कि हमें इंसाफ कोर्ट में मिलेगा। वहां नहीं मिलेगा तो हाई कोर्ट में मिलेगा अगर वहां भी नहीं मिलेगा तो सुप्रीम कोर्ट में मिलेगा। मुसलमानों को देश के कानून में भरोसा रखना चाहिए।

कार्टून पर बात करते हुए मौलाना कहते हैं, ‘जो लोग कार्टून के ऊपर मुसलमानों को परेशान कर रहे हैं, जान लीजिए आप इसपर जितनी प्रतिक्रिया देंगे ये उतना ज्यादा बढ़ेगी। अगर कोई मुसलमान आप पर कीचर उछालता है तो आपको बर्दाश्त करना ही पड़ेगा।’ जानकारी के लिए बता दें कि हमें इसकी जानकारी हासिल नहीं हो सकी है कि यो वीडियो कब का है या कहां का है।

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