Instant Food Delivery Truth: आजकल लोगों को हर चीज इंस्टेंट चाहिए। खाना, दवाई, ग्रोसरी, कपड़े… सबकुछ। यही वजह है कि क्विक कॉमर्स कंपनियां इनदिनों बूम पर हैं। वो हमेशा इस कोशिश में लगी हुई हैं कि कैसे लोगों तक फास्टेस्ट सर्विस पहुंचाई जाए। हालांकि, इन सर्विसेज को चुनकर ग्राहक खुद के लिए परेशानी खड़ी कर रहे हैं।

अल्ट्रा-फास्ट डिलीवरी ऐप्स खाना कैसे बनाते हैं?

खासकर तब जब आप इंस्टेंट फूड डिलीवरी का विकल्प चुनते हैं। हाल ही में शेयर किए गए एक वीडियो ने, जिसमें एक क्विक-कॉमर्स फूड किचन के अंदर के काम को दिखाया गया है, इस बात पर फिर से चर्चा शुरू कर दी है कि अल्ट्रा-फास्ट डिलीवरी ऐप्स खाना कैसे बनाते हैं।

फुटेज में दिखाया गया है कि दाल, चावल, कढ़ी, पराठे और यहां तक कि रसमलाई के बड़े-बड़े फ्रोजन बैच शेल्फ पर रखे हैं, जिन्हें ऑर्डर पर ताजा बनाने के बजाय जल्दी से गर्म करने का इंतजार किया जा रहा है। क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, जो मिनटों में डिलीवरी का वादा करते हैं, वे “डार्क स्टोर” में रखे पहले से बने और फ्रोजन आइटम पर बहुत ज़्यादा निर्भर रहते हैं – ये छोटे वेयरहाउस होते हैं जो तेज डिलीवरी नेटवर्क को सामान देते हैं।

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भारत में ही, क्विक-कॉमर्स मार्केट में कुछ बड़े खिलाड़ी हैं जिनकी वैल्यू $5 बिलियन (45,982 करोड़ रुपये) से ज़्यादा है। अब वायरल हो रहे वीडियो का कैप्शन था, “कुछ लोगों का भ्रम तोड़ता हूं, जो 10 मिनट डिलीवरी के चक्कर में खाना ऑर्डर कर रहे हैं। उन्हें लगता है कि कुछ लोग उनका खाना तैयार करके बैठे हैं। सब कुछ फ्रोजन है।”

इंटरनेट ने कैसे रिएक्ट किया?

वीडियो पर ऑनलाइन मिली-जुली प्रतिक्रिया हुई। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने बार-बार फ्रीज करने और पिघलाने से होने वाले संभावित स्वास्थ्य जोखिमों के बारे में चिंता जताई और ताजा खाना पकाने के महत्व पर जोर दिया। दूसरों ने फ्रोजन खाने की सुविधा का बचाव करते हुए कहा कि यह तेजी और आसानी की आधुनिक जरूरत को पूरा करता है।

जैसे ही वीडियो वायरल हुआ, कई लोग इस मुद्दे पर कमेंट करने लगे। उनमें से कई लोगों ने इस दावे की सच्चाई पर सवाल उठाना शुरू कर दिया, “और ये किसने बता दिया कि फ्रोजन खाना अच्छा नहीं होता।”

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एक और कमेंट में लिखा था, “इसे क्लाउड किचन कॉन्सेप्ट कहते हैं। सारा खाना पहले से पका हुआ होता है और डीप फ्रीज़ में स्टोर किया जाता है। जब ऑर्डर आता है, तो वे बस उसे गर्म करके भेज देते हैं। यह पूरी तरह से फ्रोजन खाना है और कितने दिनों का है यह कोई नहीं जानता।”

एक ने निष्कर्ष निकाला, “इसको कुछ नहीं पता है भाई। ज़्यादातर खाना इसी स्टेट से गुज़रकर लोगों के पास आता है और यह फ्रीज़ करने का सुरक्षित तरीका है।”