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ममता बनर्जी सरकार के इस फैसले पर भड़के कुमार विश्‍वास, कहा, ”सिर्फ एक तुगलकी नहीं है”

लिंक शेयर करते हुए आम आदमी पार्टी के नेता डॉ कुमार विश्‍वास ने राज्‍य की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी पर तंज कसा कि 'सिर्फ एक तुगलकी नहीं है।'

आम आदमी पार्टी के नेता डॉ कुमार विश्‍वास। (Photo: Twitter/DrKumarVishwas)

प्रदेश में डेंगू के प्रकोप और रोगियों की हालत व चिकित्सक के तौर पर अपनी जिम्मेदारी की चर्चा करते हुए कथित फेसबुक पोस्ट करने पर जिला अस्पताल के एक डॉक्टर को निलंबित कर दिया गया है। सरकार के फैसले का विरोध करते हुए पश्चिम बंगाल डॉक्टर फोरम ने कहा कि ऐसा लगता है कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने कथित फेसबुक पोस्ट को सरकार की छवि को खराब करने के रूप में पाया है। फोरम की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि निलंबन पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि उनके सोशल मीडिया पोस्ट और कमेंट्स को सत्यापित नहीं किया गया है। पूरी रिपोर्ट से जुड़ा एक लिंक शेयर करते हुए आम आदमी पार्टी के नेता डॉ कुमार विश्‍वास ने राज्‍य की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी पर तंज कसा कि ‘सिर्फ एक तुगलकी नहीं है।’ वहीं यूजर्स ने भी ममता सरकार को ट्रोल किया। वहीं कुछ यूजर्स ने केजरीवाल को भी ट्रोल करने की कोशिश की। अनिरुद्ध ने लिखा, ”तुगलकी तो केजरीवाल जी हैं जो अपनी जिद्द के लिए दिल्ली के लोगों पर जबरन “Odd-Even” थोपना चाहते थे। NGT ने फटकार लगाई तब जाकर सही हुए।” विष्णु दीक्षित ने विश्‍वास की तारीफ करते हुए कहा, ”सत्य कहना राजनेताओ का गुण नहीं, लेकिन फिर भी आप बेख़ौफ़ सत्य कहते हैं।”

अपने पोस्ट में उत्तरी 24 परगना जिले के बारासत जिला अस्पताल में नियुक्त अरुणाचल दत्ता ने दावा किया था कि 6 अक्टूबर को अस्पताल में 500 मरीज दाखिल हुए थे और उनको मरीजों का इलाज करने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही थी क्योंकि कई लोग फर्श पर लेटे हुए थे।

उन्होंने अपने पोस्ट में यह भी दावा किया था कि ‘अस्पताल में बीमारों की हालत’ की बात को अलिखित रूप से दबाने का आदेश दिया गया था। गौरतलब है कि 30 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि डेंगू से 40 लोगों की मौत में से सरकारी अस्पतालों में 13 की मौत की पुष्टि की गई है और सरकार जांच कर रही है कि 27 अन्य की मौत कहीं निजी अस्पताल में तो नहीं हुई है।

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