मक्का मस्जिद ब्लास्ट: कोर्ट के फैसले पर जावेद अख्तर ने कसा तंज, बोले- मिशन पूरा हुआ

जावेद अख्तर के इस ट्वीट पर अन्य यूजर्स ने भी अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक कमेंट में लिखा गया है कि क्या आपने सलमान खान मामले में कुछ कहा?

Triple Talaq, Javed Akhtar, Sahitya AajTak, uniform common civil code, Constitution, Hindu religion, Islam, government, note ban, bollywood news, entertainment news
गीतकार जावेद अख्तर। (फाइल फोटो)

18 मई 2007 को हैदराबाद की ऐतिहासिक मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस में सभी आरोपियों के दोषमुक्त होने पर मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने तंज कसा है। इस मामले में उन्होंने ट्वीट करते हुए कथित तौर पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) पर भी निशाना साधा है। बुधवार (18 अप्रैल, 2018) को किए ट्वीट में जावेद अख्तर ने लिखा है, “मिशन पूरा हुआ। मक्का मस्जिद मामले में भव्य सफलता के लिए एनआईए को मेरी तरफ से बधाई। अब एजेंसी के पास अंतर्धामिक शादियों की जांच के लिए पूरा समय होगा।” बता दें कि बम धमाके में आरोपी बनाए गए स्वामी असीमानंद सहित सभी आरोपियों को एनआईए की विशेष अदालत ने बरी कर दिया है। कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ एजेंसी कोई खास ठोस सबूत नहीं पेश कर पाई। करीब 11 साल पहले हुए इस धमाके में 9 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 58 लोग बुरी तरह घायल हो गए थे। शुरुआती दौर की जांच के बाद मामले को सीबीआई को सौंप दिया गया। बाद में मामला साल 2011 में एनआईए के पास भेजा गया। अब स्पेशल कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया है।

गौरतलब है कि जावेद अख्तर के इस ट्वीट पर अन्य यूजर्स ने भी अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक कमेंट में लिखा गया है- क्या आपने सलमान खान मामले में कुछ कहा? जबकि मालापुरी लिखती हैं, “क्या इस्लाम धर्म में बिना परिवर्तन के मुस्लिम लड़की को हिंदू लड़के से विवाह की अनुमति है? क्योंकि प्रेम का मतलब धर्म नहीं है।” संदीप सिंह लिखते हैं, “NIA पर उंगली उठाओगे तो वो उंगली कांग्रेस तक चली जाएगी अपने आप? दम है तो कांग्रेस से पूछो फर्जी सबूतों की सूचना के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं की। NIA का मुखिया चिल्लाकर कहता रहा कि सबूत बनाए गए हैं। सबूत असली नहीं हैं।” राशिद लिखते हैं, “तो मक्का मस्जिद में उन हत्याओं का जिम्मेदार कौन है?” वहीं, तुगलक एजेंसी का मजाक बनाते हुए लिखते हैं, “एनआईए मतलब निकाह जांच एजेंसी।” नेहा पांडे लिखती हैं, “फैसला अगर आपके पक्ष में आए तो न्याय हो गया। फैसला अगर हमारे पक्ष में आए तो न्याय नहीं हुआ?”

पढें ट्रेंडिंग समाचार (Trending News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट
X