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‘मेकअप की कीमत मेरे आंसुओं से भी ज्यादा है’- इस नाबालिग सेक्स वर्कर की दास्तां सुनकर हर किसी की आंखों में आए आंसू

अफसाना के दर्द की यह कहानी सुनकर आपका दिल दहल उठेगा।
अफसाना। (Source: GMB Akash)

किसी सेक्स वर्कर की जिंदगी कितनी मुश्किलों से भरी होती है इससे आप वाकिफ होंगे। पैसों के लिए शरीर बेचने की मजबूरी उनकी जिंदगी के न जाने कितने सपनों को बर्बाद कर देती है। ऐसे ही अपने कई सपनों की कहानी इस सेक्स वर्कर ने साझा की है। नाबालिग अफसाना बांग्लादेश की देह की मंडी के काले कारोबार में फंसी है। अफसाना ने अपनी मुश्किलों और सपनों की कहानी को जीएमबी आकाश की मदद से साझा किया है। आकाश बांग्लादेश के मशहूर फोटोग्राफर हैं। उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट से एक पोस्ट साझा की है जो अफसाना के दर्द को बयां करती है।

आकाश ने अफसाना की आवज बनकर, उसके जज्बातों को साझा करते हुए अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा, “काफी वक्त गुजर चुका है और मैं किसी हरे मैदान में जाना चाहती हूं। मैं कभी किसी हरे मैदान में नहीं गई लेकिन जाना चाहती हूं। मुझे एक बीमारी है। मैं बंद दरवाजों के पीछे सांस नहीं ले पाती। मैं हंसते हुए भी रो पड़ती हूं, मेरा इस पर कोई काबू नहीं।” आकाश पोस्ट के अगले कुछ हिस्सों में अब अफसाना की बात को इस तरह बयां करते हैं, “मैं अपने रोने पर काबू पाना चाहती हूं क्योंकि इससे मेरी मां को परेशानी होती है। हमारी मां ही हमारी मैडम है। मैंने उनसे वादा किया है कि मैं जल्दी ही ठीक हो जाऊंगी। मैं सिर्फ हसूंगी, कभी नहीं रोऊंगी। मैं यहां तक कैसे पहुंची? मुझे याद नहीं मैं बहुत छोटी थी। मुझे मेरा कोई अपना भी अब याद नहीं आता। मैं बहुत अकेली हूं।”

पोस्ट के आखिरी हिस्से में आकाश ने अफसाना के दर्द का वह हिस्सा जाहिर किया है जिसे सुनकर आपका भी कलेजा मुंह को आजाए। आकाश लिखते हैं, “जब भी मैं रोती हूं तो प्रियंका मेरे आंसू पोंछ देती है। वह मुझे हमेशा यह याद दिलाती है कि मेरे मेकअप की कीमत मेरे आंसुओं से कहीं ज्यादा है। मेकअप खराब हो जाएगा इसलिए मैं रो नहीं सकती, लेकिन वो मुझे समझाती जरूर है कि एक दिन मैं जरूर किसी हरे मैदान जाऊंगी जहां पर मैं खुल के सांस लूंगी। मुझे बस उस दिन का इंतजार है।”

देखें आकाश की पूरी पोस्ट

It’s been a long time I want to go to a very green field. I have never been in any green field. But I really want to go. I have a disease, I cannot breathe behind a closed door. I also cry while I laugh, I can’t control. It’s causing a lot of trouble to our mother. Our mother is our madam. I assured her I will be okay very soon, I will only laugh, will never cry. How I came to this brothel, I have no idea; I was too small to remember anything. But my only problem is, it’s very difficult to breathe here. Also I have no memory of any person; I do not see any face when I close my eyes, I feel all alone. Girls used to say they have no one too. But I tell myself, I must have someone, somewhere, may be a mother, a father or a lost family. I never had anyone to remember. So I try hard to remember a face, just any face, and there comes no one. My friend, Prinyanka usually wipes off my tears very quickly before I ruin my makeup. She always reminds me, makeup is costly than my tears. She told me that one day we will go to a green field, she will take me there and I will breathe as much as I can. Only I hope, on that day I will be able to see someone when I will close my eyes. At least once in my life, I want to feel that I am not alone.

 

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