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बीफ खाने को लेकर ट्विटर पर ट्रोल हुए एमएमटी के सह संस्थापक, यूजर्स ने दिए ऐसे जवाब

केयुर जोशी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि खाने को लेकर लोगों की स्वतंत्रता पर प्रतिबंधों को देखते हुए वो निराश है।

मेक माय ट्रिप ने कयूर जोशी के ट्वीट को उनके निजी विचार बताते हुए कहा कि कंपनी का इससे कोई वास्ता नहीं है। (फोटो सोर्स ट्विटर)

गो हत्या पर केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिंबध पर जारी बहस के बीच ऑनलाइन इंडियन ट्रेवल कंपनी मेक माय ट्रिप के सह संस्थापक भी इसमें कूद गए हैं। बीते बुधवार (31 मई, 2017) को केयुर जोशी ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘खाने को लेकर लोगों की स्वतंत्रता पर प्रतिबंधों को देखते हुए वो निराश है।’ उन्होंने अन्य ट्वीट में लिखा, ‘अगर हिंदू धर्म भोजन चुनने की आजादी को दूर ले जाता है तो मैं हिंदू नहीं हूं। @narendramodi @BJP4India ये तय नहीं कर सकते कि लोग क्या खाएं।’ उन्होंने आगे लिखा कि भारत में भोजन की आजादी के लिए अब मैं बीफ खाऊंगा। जनसत्ता डॉट कॉम केयुर जोशी के ट्विटर अकाउंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है। इन ट्वीट के बाद जोशी ट्विटर यूजर्स के निशाने पर आ गए हैं। कई यूजर्स ने मेक माय ट्रिप का बायकॉट करने की भी धमकी दी है। गौरव प्रधान लिखते हैं, ‘केयुर जोशी को बीफ खाने के लिए प्रदर्शन करने की आजादी है तो हमें भी मेक माय ट्रिप का बायकॉट करने की आजादी है।’ रोजी लिखती हैं, ‘केयुर जोशी बीफ खाने के लिए हिंदू धर्म छोड़ना चाहते हैं। तो आप जोशी क्यों हैं? धर्म बदलिए और मुसलमान बन जाइए।’ प्रशांत पटनायक लिखते हैं, ‘केयुर जोशी आपने मेरी भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।

तुम हिंदू रहने के लायक नहीं हो। जाओ और अपना धर्म बदल लो।’ सुधीर पांडव लिखते हैं, ‘प्लीज धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए ट्विटर पर टिप्पणी ना करें।’ हितेन पांडया लिखते हैं, ‘मेक माय ट्रिप एप को तुंरत अनइंस्टॉल किया है। ये कभी मत भूल जाना तुम हमारी वजह से ही हो।’ चाय वाले ट्वीट कर लिखते हैं, ‘भाई तुम बीफ खाना चाहते हो। तुम खाने के लिए आजाद हो। मैंने एमएमटी एप अनइंस्टॉल कर दिया है। अब तुम बीफ के मजे लो।’ दूसरी तरफ मेक माय ट्रिप डॉट कॉम ने ऑफिशियल अकाउंट से ट्वीट कर कहा है कि ट्विटर पर जोशी ने जो कुछ भी लिखा है वो उनके निजी विचार है। एमएमटी उनके विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करता। जोशी अब एमएमटी के कर्मचारी भी नहीं हैं।