Mithilesh Desai News: बारामती लोकसभा क्षेत्र की सांसद सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले और दामाद सारंग लखानी का रिसेप्शन दिल्ली में बड़े धूमधाम से संपन्न हुआ। इस शुभ अवसर पर पीएम नरेंद्र मोदी सहित सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों खेमों के कई बड़े नेता शामिल हुए थे। जिसमें गृह मंत्री अमित शाह, राहुल गांधी और सांसद प्रियंका वाड्रा भी एक ही छत के नीचे एक साथ आए थे।

इस बीच वहां अलग-अलग क्षेत्रों जुड़ी हस्तियां भी यहां पहुंची थीं। अब रेवती सुले के रिसेप्शन के बाद जिनकी चर्चा हो रही है वह एक युवा हैं। असल में इस समारोह का एक वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कोंकण क्षेत्र का एक युवा पीएम मोदी से सीधे बातचीत करता हुआ नजर रहा है। इस युवक की पहचना ‘कटहल के राजा’ (King of Jackfruit) के रूप में की जाती है, इनका नाम मिथिलेश देसाई है जिन्होंने प्रधानमंत्री को अपने काम के बारे में खुद जानकारी दी।

कौन हैं मिथिलेश देसाई?

मिथिलेश देसाई कोंकण के रत्नागिरी जिले के लांजा तालुका के झोपडे गांव में रहने वाले हैं। उन्हें ‘कटहल किंग’ के नाम से भी जाना जाता है। देसाई महाराष्ट्र में फणस की खेती करते हैं जिसे हिंदी में कटहल कहा जाता है। रत्नागिरी में उन्होंने सिर्फ कटहल का बगीचा तैयार किया है। मिथिलेश राहुरी कृषि विश्वविद्यालय से बी.टेक एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग में स्नातक हैं।

दरअसल, स्नातक तक पढ़ाई पूरी करने के बाद मिथिलेश ने संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC की परीक्षा दी थी। इसमें वे लिखित परीक्षा पास कर गए थे, लेकिन आखिरी इंटरव्यू में असफल हो गए। इसके बाद मिथिलेश ने प्रशासनिक सेवा में जाने का विचार छोड़ दिया। गांव आकर कहीं और नौकरी करने के बजाय उन्होंने अपनी ही खेती में पूरा समय देने का फैसला किया। मिथिलेश के पिता ने 2010 से खेत में कटहल की खेती शुरू की थी। गर्मियों में वे हाथखंबा में हाईवे पर जाकर कटहल बेचते थे। कटहल के महत्व पर मिथिलेश का ध्यान गया इसलिए रिसर्च करक उन्होंने खेती करने का फैसला लिया।

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दुनिया भर में कटहल की प्रजातियां, उनके गुण औऱ उनकी उपयोगिता पर मिथिलेश ने रिसर्च शुरू किया। शुरुआत में 2014 में उन्होंने बगीचे में 36 प्रकार के 400 कटहल के पेड़ लगाए। 2017 में केरल के वायनाड में कटहल विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला आयोजित की गई थी। इस कार्यशाला के बाद कटहल को देखने का मिथिलेश का नजरिया ही बदल गया।

पहली बार उन्हें वैश्विक स्तर पर कटहल का महत्व समझ आया। वियतनाम, मलेशिया, थाईलैंड जैसे देशों में कटहल की फसल की मांग के बारे में पता चला। कटहल में औषधीय गुण भी होते हैं, ये भी जानकारी मिली। इसलिए उन्होंने बगीचे में कटहल की खेती बढ़ाने का फैसला किया। 2020 में मिथिलेश ने एक किसान उत्पादक कंपनी शुरू की। शुरुआत में 100 किसान थे। आज 1077 किसान सदस्य हैं।

कैंसर के इलाज में इस्तेमाल

कोंकण की सबसे बड़ी किसान उत्पादक कंपनी के रूप में ये कंपनी जानी जाती है। जिसके जरिए मुख्य रूप से कटहल, काजू और आम जैसी फसलें उगाई जा रही हैं। 2022 में इस कंपनी को जर्मनी से कटहल के पत्तों का बड़ा ऑर्डर मिला। पहले साल 1 टन पत्ते निर्यात किए। दूसरे साल 5 टन कटहल के पत्ते निर्यात किए। इतने पत्तों का जर्मनी में क्या होता है, इसकी खोज की तो पता चला कि इन पत्तों से अर्क निकालकर वहां कैंसर के मरीजों के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है।

मोदी को दी अपने काम की जानकारीवो शरद पवार की राष्ट्रवादी पार्टी के भी काफी करीब हैं। उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर मौजूद तस्वीरों से पता चलता है कि वो काम के सिलसिले में शरद पवार से लगातार मिलते रहते हैं। इसी वजह से उन्हें रेवती सुले के रिसेप्शन का निमंत्रण मिला होगा। इस रिसेप्शन समारोह में उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत की। उन्होंने अपने काम और उत्पादों के बारे में मोदी को जानकारी दी। खास बात ये है कि मोदी भी उनकी बात बहुत ध्यान से और मन लगाकर सुन रहे थे।

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