मैं कोई मशहूर हस्ती नहीं हूं, मैं बस अपना दायित्व निभा रहा हूं… यह कहते हुए IAS तुकाराम मुंढे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। महाराष्ट्र एफडीए आयुक्त इन दिनों चर्चा में बने हुए हैं। इन्हें महाराष्ट्र का सिंघम भी कहा जाता है। इनके सादगी भरे लहजे की भी तारीफ की जाती है। काम के प्रति इनके ईमानदारी की भी तारीफ की जाती है।
अभी कुछ दिनों पहले मुंढे अपने दोस्तों के लिए चाय बनाते हुए नजर आए थे। हालांकि इस बीच जो खबरें सामने आ रही हैं उसे लेकर सोशल मीडिया पर ही कुछ लोगों का कहना है कि ये काफी सख्ती बरत रहे हैं। चलिए बताते हैं कि 21 साल में 24 तबादले झेल चुके IAS तुकाराम मुंढे के इस बार चर्चा में होने की क्या वजह है?
अधिकारी तुकाराम मुंढे की चर्चा उनके काम की वजह से ही हो रही है। खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई करने के कारण वे सुर्खियों में छाये हुए हैं। हालांकि इसके बाद भी महाराष्ट्र खाद्य एवं औषध प्रशासन (एफडीए) के आयुक्त तुकाराम मुंढे का कहना है कि वह कोई मशहूर हस्ती नहीं हैं बल्कि वह बस अपना काम कर रहे हैं।
मौका था मुंबई प्रेस क्लब द्वारा आयोजित ‘प्रेस से मिलिए’ कार्यक्रम का। जहां मुंढे ने व्यक्तियों पर निर्भरता के बजाय संस्थागत प्रणालियों की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा, ”हम हमेशा एक तंत्र को पटरी पर रखने की कोशिश करते हैं। तंत्र तो पहले से मौजूद हैं और हमें बस उन्हें बेहतर बनाने की जरूरत है। अगर नए तंत्र बनाने की जरूरत हो, तो हम उसके लिए कोशिश करते हैं।
सिस्टम चलना चाहिए, व्यक्ति नहीं
सबसे जरूरी बात यह है कि सिस्टम काम करना चाहिए। कोई व्यक्ति सबसे ज्यादा जरूरी नहीं होना चाहिए।” भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी मुंढे ने कहा कि डिजिटल प्रौद्योगिकी का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है ताकि प्रणालियां व्यक्तियों के कार्यकाल के बाद भी काम करती रहें। मुंढे ने इस साल मई में एफडीए आयुक्त का पदभार संभाला था। जब उनसे उनकी सार्वजनिक छवि के बारे में पूछा गया तो उन्होंने साफ कहा, ”मैं कोई मशहूर हस्ती नहीं हूं। मैं असल में एफडीए महाराष्ट्र का संयुक्त सचिव और आयुक्त हूं। इस बारे में मेरा नज़रिया बिल्कुल साफ़ है।” उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि हर अधिकारी और विभाग इस काम में अपना योगदान दे रहा है।
मुंढे की देखरेख में एफडीए ने खाद्य सुरक्षा के नियमों के उल्लंघन के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है। उन्होंने कहा कि एफडीए आयुक्त के तौर पर उनकी मुख्य प्राथमिकता सुरक्षित भोजन सुनिश्चित करना और खान-पान की स्वस्थ आदतों को बढ़ावा देना है।
मेरा एक ही मकसद है – महाराष्ट्र के लोगों की सेवा करना
मुंढे ने आगे कहा, ”यहां मेरा एक ही मकसद है – महाराष्ट्र के लोगों की सेवा करना और सुरक्षित खाद्य पदार्थ सुनिश्चित करना। अगर मेरा कोई मकसद है, तो बस यही है। एफडीए आयुक्त के तौर पर मेरा यही एकमात्र मकसद है।” उन्होंने आगे कहा कि खाद्य सुरक्षा नियामक निष्पक्षता और पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध है और वह नियमित रूप से निरीक्षण और की गई कार्रवाई की जानकारी, साथ ही फ़ोटो और वीडियो भी जारी करता है।
24 बार तबादले के सवाल पर कहा- आप गलत शख्स से पूछ रहे हैं
मुंढे ने यह भी कहा, ”हम निष्पक्ष और पारदर्शी बने रहने के लिए यहां हैं।” मध्य महाराष्ट्र के बीड ज़िले के 2005 बैच के आईएएस अधिकारी का नौकरशाही में 21 साल के करियर के दौरान 24 बार तबादला हो चुका है। इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ” मुझे सरकार पर भरोसा है, इसलिए मैं अभी भी काम कर रहा हूं। लेकिन मेरे तबादले के बारे में आप गलत व्यक्ति से पूछ रहे हैं। ट्रांसफर का फ़ैसला लेने वाला अधिकारी मैं नहीं हूं। सक्षम अधिकारी ही यह तय करेगा।”
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Tukaram Mundhe Makes Tea for Friends, Video Goes Viral: महाराष्ट्र फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के कमिश्नर तुकाराम मुंढे भले ही पूरे राज्य में फ़ूड सेफ़्टी की देखरेख करते हैं लेकिन वीडियो में वे बस एक मेज़बान नजर आ रहे हैं जो दोस्तों के लिए चाय बना रहे हैं। रोहन भामकर के इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में मुंढे को एक कार्यक्रम के बाद अपने घर पर दोस्तों के लिए चाय बनाते हुए देखा जा सकता है। और अधिक पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…
