शादी में आए मेहमानों को रिटर्न गिफ्ट देने का रिवाज काफी पुराना है। सभी अपनी हैसियत के अनुसार अतिथियों को रिटर्न गिफ्ट देकर विदा करते हैं। हालांकि, महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र के एक परिवार ने अपने बेटे की शादी में आए अतिथियों को ऐसा रिटर्न गिफ्ट दिया जो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार मराठवाड़ा क्षेत्र के नांदेड़ जिले के कंधार तालुका स्थित बहादरपुरा गांव में एक शादी सिर्फ भव्य आयोजन तक सीमित नहीं रहा। शादी में दिया गया रिटर्न गिफ्ट अतिथियों के लिए सुरक्षा की सौगात बन गया। दरअसल, 20 मई को हुई सिद्धेश्वर पेठकर की शादी में उनके परिवार ने गांव के सभी 3,465 लोगों के लिए 1-1 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा (Accident Insurance) करवाया।

आपदाओं में मौत होना आम

इस तरह पूरे गांव को कुल 34.6 करोड़ रुपये का बीमा कवर मिला। शादी के दौरान बैंड-बाजा, दावत और जश्न तो हुआ ही लेकिन असली चर्चा उस अनोखे तोहफे की रही जिसने लोगों को भविष्य की अनिश्चितताओं से सुरक्षा देने का काम किया। इस इलाके में अक्सर सांप के काटने, बिजली गिरने और खेती से जुड़े हादसों में लोगों की मौत हो जाती है। कोई बीमा नहीं रहने की वजह से परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

पेठकर परिवार ने ग्राम पंचायत के नाम पर एक ग्रुप एक्सिडेंट पॉलिसी खरीदी। इसके लिए गांव की मतदाता सूची बीमा कंपनी को सौंपी गई, ताकि बिना किसी भेदभाव और अतिरिक्त कागजी कार्रवाई के सभी एलिजिबल ग्रामीणों को योजना का लाभ मिल सके। यह बीमा एक साल तक वैध रहेगा और आगे इसे रिन्यू करने पर भी चर्चा हो सकती है।

बीमा पर हुए खर्च का खुलासा नहीं किया

हालांकि, परिवार ने इस बीमा पर हुए खर्च का खुलासा नहीं किया। सिद्धेश्वर पेठकर ने कहा, “हमारी संस्कृति में दान का ढिंढोरा नहीं पीटा जाता। हमें किसी तारीफ की जरूरत नहीं, लोगों का आशीर्वाद ही काफी है।” दूल्हे के बड़े भाई अनुप पेठकर ने कहा, “हमारी खुशी सिर्फ हमारे घर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। नांदेड़ के आसपास के गांवों में हादसों में लोगों की मौत आम बात है। हम चाहते थे कि यह शादी सिर्फ यादें नहीं, बल्कि लोगों के लिए सुरक्षा भी छोड़ जाए।”

करीब 4,500 मेहमानों वाली यह शादी अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई है। गांव के निवासी मोहन शेकापुरे ने कहा, “ऐसा लगा जैसे पूरे गांव को शगुन में सुरक्षा की चादर मिल गई हो। हमने पहले कभी ऐसा शादी का तोहफा नहीं देखा।”

वहीं, गांव के सरपंच बालिराम पेठकर ने इसे इलाके में अपनी तरह की पहली पहल बताया। उन्होंने कहा, “शादियों में लोग मिठाइयां और उपहार बांटते हैं, लेकिन यहां एक परिवार ने पूरे गांव को सुरक्षा दी है।” शादी खत्म होने के बाद बहादरपुरा गांव सिर्फ जश्न की यादें ही नहीं, बल्कि भविष्य की अनिश्चितताओं से लड़ने का भरोसा भी अपने साथ लेकर आगे बढ़ा।