Thumb Impression on Blank Paper: जमीन, पैसा और संपत्ति के विवाद में कई बार खून के रिश्ते भी टूट जाते हैं। जिन्होंने पूरी जिंदगी बच्चों को पाला-पोसा उन्हीं से संपत्ति के कारण झगड़ा होता है और रिश्ते टूट जाते हैं लेकिन अगर मौत के बाद भी संपत्ति का लालच खत्म न हो, तो इंसान किस हद तक गिर सकता है, ये सोचने पर मजबूर करने वाली एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है।
घर में पिता की मौत का गम होते हुए भी उन पर आरोप है कि बेटे ने उनके मृत शरीर के हाथ का अंगूठा कोरे कागजों पर लगवाया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद गुस्से की लहर दौड़ गई है। खास बात ये है कि ये सब देखने वाले गांव वालों ने पूरी घटना अपने कैमरे में कैद कर ली। वीडियो में मृत पिता के हाथ का अंगूठा कागज पर लगाते हुए दिख रहा है, ऐसा दावा किया जा रहा है। जमीन या संपत्ति से जुड़े कागजातों के लिए ये निशान लिए जा रहे थे क्या, अब ये गंभीर सवाल उठ रहा है। हालांकि अभी इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मौत के बाद भी संपत्ति का मोह?
मिली जानकारी के अनुसार, ये घटना उत्तर प्रदेश के लखनऊ में रहिमाबाद पुलिस थाना क्षेत्र के खडौहा गांव की है। यहां 75 साल के छत्रपाल नाम के बुजुर्ग का निधन हो गया। उनके अंतिम संस्कार की तैयारी चल ही रही थी कि बेटे महेंद्र पर आरोप लगा कि उसने पिता के मृत शरीर के अंगूठे के निशान कोरे कागजों पर लगवाए। इस कथित घटना में उसका चचेरा भाई भी मदद कर रहा था, ऐसा बताया जा रहा है। गांव के कुछ लोगों ने जब ये देखा तो उन्होंने वीडियो बना लिया। इसके बाद ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
पहले घर से निकाला, फिर संपत्ति को लेकर विवाद
रिश्तेदारों का कहना है कि छत्रपाल और उनकी पत्नी शिवदेवी को उनके बेटे महेंद्र और बहू लक्ष्मी से कथित तौर पर परेशान किया जा रहा था। परेशानी बढ़ने के बाद 2023 में बुजुर्ग दंपति को उनके ही पैतृक घर से बाहर निकाल दिया गया था, ऐसा आरोप है। घर से निकलने के बाद इस बुजुर्ग दंपति को रिश्तेदारों के घर सहारा लेना पड़ा। 2024 में छत्रपाल अपनी बड़ी बेटी सुमन और अन्य दो विवाहित बेटियों के पास रहने लगे। कहा जा रहा है कि बेटियों ने बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल की। बेटियों की सेवा से खुश होकर छत्रपाल ने अपनी साढ़े छह बीघा जमीन में से एक-एक बीघा जमीन तीनों बेटियों के नाम कर दी थी, ऐसा बताया जा रहा है।
वहीं बेटे और बहू से हुए कथित उत्पीड़न के कारण उन्होंने अखबार में सार्वजनिक सूचना देकर दोनों को अपनी चल-अचल संपत्ति से बेदखल कर दिया था। इसी फैसले से महेंद्र पिता से नाराज था, ऐसा रिश्तेदारों का दावा है। यानी एक तरफ पिता को बेटे से कथित उत्पीड़न सहना पड़ा, तो दूसरी तरफ बेटियों ने उनकी सेवा की। नतीजतन संपत्ति का बंटवारा भी हुआ और परिवार का विवाद और बढ़ गया।
इलाज के नाम पर पिता को साथ ले गया?
मृतक छत्रपाल की बेटी सुमन के अनुसार, 7 जुलाई को पिता की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्होंने इसकी जानकारी भाई महेंद्र को दी। जानकारी मिलते ही महेंद्र अपने परिवार के साथ आया। बहन से झगड़े के बाद इलाज के बहाने वो छत्रपाल को अपने गांव ले गया, ऐसा सुमन का दावा है लेकिन इसके सिर्फ तीन दिन बाद 9 जुलाई को छत्रपाल का निधन हो गया। उनकी मौत की खबर मिलते ही बेटियां गांव पहुंचीं।
अंतिम संस्कार के समय भी बहनों से झगड़ा
आरोप है कि अंतिम संस्कार के समय महेंद्र ने अपनी बहनों से गाली-गलौज और बदतमीजी की। इसी दौरान मृत पिता के हाथ का अंगूठा कोरे कागज पर लगाते हुए देखा गया, ऐसा दावा किया गया है। ये देखकर वहां मौजूद गांव वाले भी दंग रह गए। मृत व्यक्ति के शरीर के साथ ऐसा क्यों किया जा रहा है, ये सवाल उठा। खास बात ये है कि ये निशान आखिर किस कारण से लिए जा रहे थे, इस बारे में अभी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
क्या जमीन के लिए रिश्ते भी भूल जाते हैं?
इस घटना ने एक बार फिर जमीन और संपत्ति के विवाद का गंभीर चेहरा सामने ला दिया है। कुछ गज जमीन, कुछ एकड़ खेती या पैसे के बंटवारे पर भाई-बहन एक-दूसरे से दूर हो जाते हैं। कई बार तो सालों पुराने रिश्ते संपत्ति के झगड़े में टूट जाते हैं लेकिन अगर इस मामले में आरोप सच साबित होते हैं, तो मौत के बाद भी पिता के अंगूठे का निशान लेने की कोशिश क्यों की गई, ये सवाल और भी गंभीर हो जाता है। जिन्होंने पूरी जिंदगी बच्चों को सहारा दिया, उन्हीं का मौत के बाद संपत्ति के कागजों के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश का आरोप समाज को झकझोर देने वाला है।
गांव वालों ने इस घटना पर गुस्सा जताते हुए कहा कि बेटियों ने माता-पिता की जो सेवा की वो तारीफ के काबिल है। बुढ़ापे में बेटों से ज्यादा बेटियां ही सहारा बनती हैं, ऐसी भावना भी कुछ लोगों ने जताई। फिलहाल रहिमाबाद थाने के प्रभारी अधिकारी ने कहा है कि शिकायत मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसलिए वायरल वीडियो की सच्चाई, उसमें दिख रहे लोगों की पहचान और मृत व्यक्ति के अंगूठे के निशान लेने का असल मकसद क्या था, ये जांच के बाद ही साफ होगा। संपत्ति इंसान के लिए होती है, लेकिन संपत्ति के लिए अगर इंसान ही एक-दूसरे से दूर हो जाएं, तो उससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा, यही सवाल इस घटना ने एक बार फिर समाज के सामने खड़ा कर दिया है। इस पर आपकी क्या राय है?
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