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नोटबंदी का एक साल पूरा होने पर ट्रोल हो रहे लाल कृष्ण आडवाणी, जानिए क्‍या है वजह

बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्‍ण आडवाणी को नोटबंदी की सालगिरह के मौके पर सोशल मीडिया पर खासा ट्रोल किया जा रहा है। कुछ लोग नोटबंदी को शिष्य द्वारा गुरु को दी गई दक्षिणा कह रहे हैं।

बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्‍ण आडवाणी (File Photo)

बुधवार को नोटबंदी को एक साल पूरे हो गए हैं। 8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी लागू की थी, जिसके बाद 500 और हजार के पुराने नोट बैन कर दिए गए थे, बुधवार को मोदी सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले को एक साल पूरा हो गया है। इस मौके पर बीजेपी जहां ‘काला धन विरोध दिवस’ मना रही है तो वहीं एक और ऐसा मुद्दा है जिसको लेकर सोशल मीडिया पर बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लोग सवाल कर रहे हैं। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्‍ण आडवाणी को इस वक्त सोशल मीडिया पर खासा ट्रोल किया जा रहा है। दरअसल 8 नवंबर को ही आडवाणी का जन्मदिन होता है और इसी दिन पीएम मोदी ने नोटबंदी का फैसला लागू किया था। इसी बात पर सोशल मीडिया का एक धड़ा आडवाणी को ट्विटर पर ट्रोल कर रहा है। लोग बीजेपी पर आडवाणी का जन्मदिन भूलने का आरोप लगा रहे हैं।

कुछ लोग कह रहे हैं कि नोटबंदी के प्रमोशन के चक्कर में बीजेपी अपने पितामाह आडवाणी जी का जन्मदिन तक भूल गई। वहीं कुछ लोग कह रहे हैं कि पीएम मोदी ने जानबूझकर आडवाणी जी के जन्मदिन के ही दिन नोटबंदी लागू की। कुछ ने पीएम मोदी पर आडवाणी का बर्थडे हाईजैक करने का आरोप भी लगाया है। कुछ लोगों ने नोटबंदी को शिष्य द्वारा गुरु को दी गई दक्षिणा कहा है।

जहां बीजेपी इस दिन को काला धन विरोध दिवस के रूप में मना रही है तो वहीं कांग्रेस ने इसे काला दिवस बताया है। पीएम मोदी ने बुधवार की सुबह ट्वीट कर नोटबंदी में जनता की तरफ से मिले समर्थन के लिए धन्यवाद कहा है। उन्होंने कहा, ‘सरकार की तरफ से भ्रष्टाचार और काले धन पर रोक लगाने के लिए उठाए गए कदम का लोगों ने समर्थन किया, इसके लिए मैं जनता का आभारी हूं।’ वहीं कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘नोटबंदी एक त्रासदी है। पीएम मोदी द्वारा बिना सोचे-विचारे लिए गए फैसले के कारण जितने भी ईमानदार भारतीयों को परेशानी हुई, हम उनके साथ खड़े हैं।’ बता दें कि कुल 18 पार्टियां नोटबंदी की सालगिरह पर विरोध जताने के लिए देश भर में रैलियां निकालेंगी। राहुल गांधी सूरत में रैली का प्रतिनिधित्व करेंगे तो वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में टीएमसी की रैली का प्रतिनिधित्व करेंगी।

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